विदेश

डोनाल्ड ट्रंप के साथ हो गया खेला, ईरान से टेंशन के बीच इंग्लैंड ने दिया जोरदार झटका!

इंग्लैंड और अमेरिका के बीच ईरान को लेकर बढ़ा तनाव। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम कीर स्टारमर ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए अमेरिकी बमवर्षकों को इंग्लैंड एयरबेस देने से इनकार किया। पढ़ें इस कूटनीतिक टकराव की पूरी इनसाइड स्टोरी।

2 min read
Feb 20, 2026
डोनाल्ड ट्रंप और कीर स्टार्मर (Photo - AI Generated)

दुनिया एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते परमाणु तनाव के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Keir Starmer) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच एक बड़ा कूटनीतिक टकराव सामने आया है। खबर है कि कीर स्टार्मर ने डोनाल्ड ट्रंप के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें ईरान पर हमले के लिए ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई थी।

अमेरिका ईरान (Iran US conflict) पर सीधे हमले की आकस्मिक योजनाएं तैयार कर रहा। हाल के दिनों में उसने लंबी दूरी के बमवर्षक और ईंधन भरने वाले विमानों को मध्य-पूर्व (Middle East) भेजा गया। डोनाल्ड ट्रंप को रक्षा अधिकारियों ने बताया था कि 2003 में इराक युद्ध के बाद क्षेत्र में सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य जमावड़े के चलते उनका देश शनिवार तक युद्ध के लिए तैयार हो सकता है।

ये भी पढ़ें

भारतीयों के समर्थन में आया इजराइल, दे डाला बड़ा बयान, बोला- यह स्वीकार्य नहीं

हालाकि अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस योजना में सबसे बड़ी बाधा इंग्लैंड बन गया है। अमेरिका को डिएगो गार्सिया के उपयोग के लिए ब्रिटेन की अनुमति की जरूरत नहीं है, लेकिन RAF ठिकानों के इस्तेमाल के लिए ब्रिटिश सरकार की सहमति आवश्यक है। राष्ट्रपति ट्रंप चाहते थे कि उनके लंबी दूरी के बमवर्षक विमान और रिफ्यूलिंग टैंकर RAF फेयरफोर्ड (ग्लॉस्टरशायर) जैसे ब्रिटिश एयरबेस का इस्तेमाल करें। हालांकि, स्टारमर सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन और हमले में शामिल होने के खतरों को देखते हुए इस पर रोक लगा दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “यदि ईरान कोई समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका को डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड स्थित एयरफील्ड का उपयोग करना पड़ सकता है, ताकि एक अत्यंत अस्थिर और खतरनाक शासन द्वारा संभावित हमले को समाप्त किया जा सके।''

ट्रंप की यह टिप्पणी RAF फेयरफोर्ड (ग्लॉस्टरशायर) से लंबी दूरी की बमबारी उड़ानों के लिए अमेरिकी अनुरोध की ओर इशारा मानी गई। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की आशंका के चलते ब्रिटेन ने अभी तक अनुमति नहीं दी है।

युद्ध की सुगबुगाहट के बीच सैन्य हलचल तेज

ईरान से तनाव को देखते हुए जहां अमेरिका ने लंबी दूरी के बमवर्षक और ईंधन भरने वाले विमान मध्य पूर्व भेजे गए हैं। वहीं इंग्लैंड भी संभावित ईरानी जवाबी कार्रवाई को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त टाइफून और F-35 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं।

ये भी पढ़ें

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार प्लेन क्रैश केस में आया बड़ा अपडेट, 30 दिन में ….

Updated on:
20 Feb 2026 08:57 am
Published on:
20 Feb 2026 08:54 am
Also Read
View All

अगली खबर