
पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू (Photo - IANS)
इजराइल के अश्केलोन शहर में दो भारतीय श्रमिकों पर हुए बर्बर हमले ने कूटनीतिक और राजनीतिक गलियारों में तनाव पैदा कर दिया है। इजराइली दूतावास ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है, वहीं भारत में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, बुधवार को अश्केलोन के एक सार्वजनिक पार्क में भारतीय मूल के दो श्रमिकों पर उपद्रवियों के एक समूह ने हमला कर दिया। इजराइली मीडिया में जारी एक वीडियो में हमलावरों को बेरहमी से मारपीट करते देखा जा सकता है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसकी योजना कुछ निजी चैट समूहों में बनाई गई थी।
घटना के तुरंत बाद भारत में स्थित इजराइली दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि स्थानीय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पर इजराइली दूतावास ने कहा "भारतीय श्रमिकों पर किया गया यह हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।"
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में रोजगार की कमी के कारण भारतीय श्रमिक इजराइल जैसे क्षेत्रों में जाने को मजबूर हैं।
खेड़ा ने ट्वीट किया, "यह एक सुनियोजित नस्लवादी हमला था। जब भारतीय श्रमिकों को भेजा जाता है तो भारत-इजराइल ‘मित्रता’ का जश्न मनाया जाता है, लेकिन उनके साथ बर्बर व्यवहार होने पर सरकार चुप क्यों है? विदेश मंत्री को तुरंत घायलों के लिए मुफ्त चिकित्सा और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।"
खास बात यह है कि यह घटना पीएम मोदी की प्रस्तावित इजराइल यात्रा से ठीक पहले हुई है। इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में पुष्टि की थी कि पीएम मोदी जल्द इजराइल के दौरे पर होंगे। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वहां बढ़ते नस्लवाद के मुद्दे को नेतन्याहू के सामने मजबूती से उठाएंगे।
Updated on:
20 Feb 2026, 6:54 AM IST
Published on:
20 Feb 2026, 6:51 AM IST
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