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France News: समुद्र पार करते समय 31 से ज्यादा लोगों की मौत, 5 साल बाद आया कोर्ट का बड़ा फैसला

France Court Verdict: साल 2021 में इंग्लिश चैनल पार करते समय प्रवासियों की नाव डूबने से 31 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। फ्रांस की अदालत ने छह लोगों को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 6 से 10 साल की जेल की सजा सुनाई है।
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Sep 30, 2026
Migrant Boat Accident
रबर की नाव (फोटो- X post/ @Newsforce )

2021 Channel Accident: साल 2021 में एक दर्दनाक हादसे में 31 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में फ्रांस की एक अदालत ने पांच साल बाद 6 लोगों को गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया है। यह हादसा फ्रांस से इंग्लैंड पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक हादसा माना गया। अदालत ने मामले में छह दोषियों को 6 से 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई है।

नाव में सवार थे 30 से ज्यादा लोग

नवंबर 2021 में प्रवासी एक छोटी नाव के जरिए फ्रांस से इंग्लैंड जाने के लिए इंग्लिश चैनल (ब्रिटेन और फ्रांस के बीच का बहुत संकरा समुद्री हिस्सा) पार कर रहे थे। यह इलाका दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में शामिल है। नाव में जरूरत से ज्यादा लोग सवार थे। समुद्र में आगे बढ़ने के दौरान नाव की हवा निकल गई और वह डूबने लगी। इसी वजह से नाव में सवार 31 लोगों की मौत हो गई।

27 शव मिले, चार लोग लापता

हादसे के बाद फ्रांस के कैलैस के पास समुद्र में शव दिखाई दिए। एक फ्रांसीसी मछली पकड़ने वाली नाव ने इसकी जानकारी आपातकालीन सेवाओं को दी। बचाव दल ने 27 लोगों के शव बरामद किए, जबकि कम से कम चार अन्य लोगों का कभी पता नहीं चल सका। इस हादसे में सिर्फ दो लोग जीवित बच पाए।

13 लोगों पर चला मुकदमा

पेरिस की अदालत ने कुल 13 लोगों को दोषी पाया। इनमें छह लोगों को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया गया। इन्हें 6 से 10 साल तक की जेल की सजा मिली। सात अन्य लोगों को मानव तस्करी से जुड़े कम गंभीर अपराधों में दोषी पाया गया। इन पर संगठित गिरोह के जरिए अवैध प्रवासन में मदद करने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप थे। उन्हें छह महीने की निलंबित सजा से लेकर चार साल तक की जेल हुई। एक व्यक्ति को अदालत ने निर्दोष पाया।

ज्यादातर पीड़ित इराकी कुर्द

हादसे में मरने वालों में ज्यादातर इराकी कुर्द थे। इनके अलावा अफगानिस्तान, इथियोपिया, मिस्र, सोमालिया, ईरानी कुर्द और वियतनाम के लोग भी शामिल थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़ितों के परिवारों ने अपना दर्द बताया। 18 साल के तवाना का शव कभी नहीं मिला। उनके भाई जाना मामंद मुहम्मद ने अदालत में कहा कि वह आज भी अपने भाई के बारे में कोई जानकारी मिलने की आस के साथ जी रहे हैं।

Updated on:
30 Sept 2026 09:14 pm
Published on:
30 Sept 2026 09:14 pm