Arrested : जेफरी एपस्टीन कांड में ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पद के दुरुपयोग और एपस्टीन को गोपनीय जानकारी लीक करने का गंभीर आरोप है।
Thames Valley Police : ब्रिटेन के शाही परिवार (British Royal Family) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कुख्यात जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) कांड से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू (Prince Andrew Arrested) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। टेम्स वैली पुलिस ने 'सार्वजनिक पद के दुरुपयोग' (Misconduct in public office) के गंभीर संदेह में उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट से हिरासत में लिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आज ही एंड्रयू का 66वां जन्मदिन है और इसी दिन उन्हें यह बड़ी फजीहत झेलनी पड़ी है। पुलिस ने एक विस्तृत और गहन जांच (Thorough assessment) के बाद यह कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरा मामला उस वक्त का है जब एंड्रयू ब्रिटेन के व्यापार दूत (Trade Envoy) के रूप में काम कर रहे थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का भारी दुरुपयोग करते हुए दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ कई बेहद गोपनीय और संवेदनशील डिटेल्स शेयर की थीं। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बर्कशायर (Berkshire) और नॉरफोक (Norfolk) स्थित कई ठिकानों पर सघन छापेमारी और तलाशी अभियान चला रही हैं। इस गिरफ्तारी ने ब्रितानी राजशाही की साख को एक अभूतपूर्व झटका दिया है। शाही परिवार ने एंड्रयू से पूरी तरह दूरी बनाते हुए उन्हें आधिकारिक तौर पर केवल 'मिस्टर माउंटबेटन-विंडसर' कहना शुरू कर दिया है।
एपस्टीन फाइल्स और पुलिस रिकॉर्ड में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में बड़ा खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, पूर्व प्रिंस एंड्रयू और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन कई सालों तक संपर्क में थे। एंड्रयू ने दावा किया था कि वे साल में सिर्फ एक-दो बार ही मिलते हैं। लेकिन, दस्तावेजों और गवाहों ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया है। इनके बीच कई मुलाकातें हुई थीं। एंड्रयू ने 2019 के एक इंटरव्यू में कहा कि वे 1999 में गिसलेन मैक्सवेल के जरिये एपस्टीन से मिले थे। वहीं, उनके पूर्व सचिव का कहना है कि वे 90 के दशक की शुरुआत में ही मिल चुके थे। यह तथ्य भी सामने आया है कि एंड्रयू ने एपस्टीन के निजी विमान में उड़ान भी भरी थी। आरोप है कि फरवरी 2000 एंड्रयू और एपस्टीन फ्लोरिडा के 'मार-ए-लागो' क्लब में एक साथ देखे गए। यह क्लब डोनाल्ड ट्रंप का है। वहीं अप्रेल 2000 में विंडसर कैसल में एंड्रयू की महारानी एलिजाबेथ की ओर से आयोजित 40वीं जन्मदिन की पार्टी में एपस्टीन और मैक्सवेल भी शामिल हुए थे।
विक्टिम्स रिफ्यूज साइलेंस" नामक संगठन चलाने वाली अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई महिला वर्जीनिया ज्यूफ्रे के मुताबिक साल 2001 कई मुलाकातें हुईं। ये मुलाकातें लंदन, न्यूयॉर्क और कैरेबियन द्वीप पर हुईं। इसके अलावा साल 2006 में प्रिंसेस बीट्राइस के 18वां जन्मदिन से पहले एंड्रयू ने अपने 'रॉयल लॉज' घर पर एपस्टीन और मैक्सवेल को ठहराया था। एपस्टीन दिसंबर 2010 बाल यौन शोषण मामले में जेल से छूटा था। आरोप है कि इसके बाद एंड्रयू ने न्यूयॉर्क जाकर उसकी हवेली में तीन दिन बिताए। दोनों को सेंट्रल पार्क में साथ टहलते हुए देखा गया था। नए दस्तावेज से पता चला है कि फरवरी 2011 तक दोनों ईमेल से बात करते थे। एक ईमेल में एंड्रयू ने एपस्टीन को लिखा था, "हम इसमें एक साथ हैं।"
एपस्टीन फाइल्स और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उन पर यौन शोषण और पद का दुरुपयोग करने दो बड़े आरोप हैं । वर्जीनिया ज्यूफ्रे ने उनके नाबालिग रहते हुए यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 2001 में वह सिर्फ 17 साल की थीं और एपस्टीन ने उनकी तस्करी की थी। इसके बाद उन्हें एंड्रयू के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। यह लंदन, न्यूयॉर्क और वर्जिन आइलैंड्स में हुआ। लंदन वाले मामले के लिए एपस्टीन ने वर्जीनिया को $15,000 भी दिए थे। एंड्रयू ने इन आरोपों को हमेशा नकारा। हालांकि, 2022 में उन्होंने वर्जीनिया के साथ करोड़ों का समझौता कर लिया, लेकिन अपना अपराध नहीं माना।
एंड्रयू को इसी आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वे 2001 से 2011 तक ब्रिटेन के 'अंतरराष्ट्रीय व्यापार दूत' थे। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, एंड्रयू ने सरकारी और गोपनीय व्यापारिक रिपोर्टें एपस्टीन को ईमेल की थीं। यह जानकारी दक्षिण-पूर्व एशिया और अफगानिस्तान दौरे से जुड़ी थी।
जोहाना सजोबर्ग नाम की महिला ने भी गवाही दी है। उन्होंने बताया कि 2001 में एपस्टीन की हवेली में फोटो खिंचवाते वक्त एंड्रयू ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था।
एंड्रयू पर पैसों की हेराफेरी का भी आरोप है। आरोप है कि उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन का कर्ज चुकाने के लिए एपस्टीन से आर्थिक मदद ली थी। यह कर्ज 15 हज़ार ब्रिटिश पाउंड (यानि भारतीय मुद्रा के अनुसार करीब 18 लाख 39 हज़ार 880 रुपये) थी।
गौरतलब है कि एपस्टीन के साथ उनके गहरे संबंधों के चलते, पिछले साल ही उनके बड़े भाई किंग चार्ल्स III (King Charles III) ने एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां छीन ली थीं। उन्हें उनके पसंदीदा घर 'रॉयल लॉज' से बेदखल कर सैंड्रिंघम भेज दिया गया था। पिछले सप्ताह ही किंग चार्ल्स और क्वीन ने एक बयान में साफ कर दिया था कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे।