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फिनलैंड ने तैयार किया दुनिया का सबसे सुरक्षित परमाणु कूड़ेदान, 1 लाख वर्षों तक नहीं होगा रिसाव

Nuclear Waste: फिनलैंड ने दुनिया का पहला सुरक्षित भूमिगत परमाणु कचरा भंडार ‘ओनकालो’ तैयार किया है, जो हजारों वर्षों तक रेडियोएक्टिव कचरे को सुरक्षित रखने में सक्षम है।
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Jun 05, 2026
Nuclear plant News
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो- IANS)

Finland’s Onkalo nuclear waste facility: परमाणु ऊर्जा ने दुनिया को स्वच्छ बिजली का बड़ा स्रोत दिया, लेकिन इसके साथ ऐसा रेडियोएक्टिव कचरा भी पैदा हुआ जो हजारों वर्षों तक खतरनाक बना रह सकता है। दशकों से दुनिया भर के देश इस कचरे के सुरक्षित निपटान का समाधान खोज रहे थे। अब फिनलैंड इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। फिनलैंड के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र युराजोकी के घने जंगलों के नीचे, जमीन से 433 मीटर गहराई में ‘ओनकालो’ नामक विशाल भूमिगत भंडारण केंद्र तैयार किया गया है। यह लगभग एक लाख वर्षों तक रेडियोएक्टिव कचरे को सुरक्षित रूप से बंद रखेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी लंबी अवधि में यह कचरा धीरे-धीरे क्षय होकर प्राकृतिक यूरेनियम अयस्क के सुरक्षित स्तर तक पहुंच जाएगा।

तांबा, मिट्टी व चट्टानों का सुरक्षा कवच

इस परियोजना में 1.9 अरब वर्ष पुरानी मजबूत चट्टानों को काटकर सुरंगें बनाई गई हैं। परमाणु ईंधन की छड़ों को मोटे और जंग-प्रतिरोधी तांबे के कंटेनरों में बंद किया जाएगा। इन्हें सुरंगों के फर्श में बने गड्ढों में रखकर विशेष ‘बेंटोनाइट क्ले’ से सील किया जाएगा। पानी के संपर्क में आते ही यह मिट्टी फूलकर एयरटाइट सुरक्षा परत बना लेगी।

6,500 टन यूरेनियम कचरा संभालेगा

इस सुविधा की क्षमता 6,500 टन यूरेनियम-आधारित कचरा संभालने की है, जो फिनलैंड के पांचों परमाणु रिएक्टरों से निकलने वाले अपशिष्ट के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। अगले 100 वर्षों तक यहां कचरा जमा किया जाएगा, जिसके बाद पूरी संरचना को स्थायी रूप से सील कर दिया जाएगा। परमाणु सुरक्षा प्राधिकरण से अंतिम मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है।

परमाणु कचरा कहां से आता है

हर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालन के दौरान ऐसा रेडियोधर्मी कचरा उत्पन्न होता है, जो हजारों वर्षों तक खतरनाक बना रह सकता है। बीसवीं सदी के मध्य में जब दुनिया भर में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना शुरू हुई, तभी से वैज्ञानिकों और सरकारों के सामने इस कचरे के सुरक्षित निपटान की चुनौती बनी हुई है। अब तक अधिकांश देशों ने इस कचरे को अस्थायी रूप से विशेष जलाशयों या शीतलन कुंडों में संग्रहित किया है, जहाँ इसे ठंडा और नियंत्रित रखा जाता है। हालांकि, यह केवल एक अंतरिम व्यवस्था है और इसके स्थायी समाधान की तलाश आज भी जारी है।

Updated on:
05 Jun 2026 04:02 am
Published on:
05 Jun 2026 04:02 am