
Bolsonaro Reaches Miami: ब्राजील की सत्ता की लड़ाई में हार के बाद फ्लेवियो बोल्सोनारो का अमेरिका पहुंचना अब महज एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, कानूनी संकट और पर्दे के पीछे चल रही रणनीति का दिलचस्प मामला बन गया है। आरोपों की जांच और यात्रा पर अदालती पाबंदियों के बीच उनका परिवार जिस तरह गुप्त रास्तों से मियामी पहुंचा, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे अभियान में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के करीबियों और डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों की भूमिका चर्चा में है।
ब्राजील से अमेरिका तक फ्लेवियो बोल्सोनारो का सफर किसी राजनीतिक थ्रिलर से कम नहीं था। द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनावी हार के बाद गिरफ्तारी की आशंका के बीच बोल्सोनारो ने अपने परिवार के साथ देश छोड़ने की ऐसी योजना बनाई, जिसमें भटकाने वाली गाड़ियां, सीमापार यात्रा और निजी विमान का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार शाम ब्रासीलिया स्थित अपने घर से निकलते समय बोल्सोनारो चार काले वाहनों के काफिले में सवार थे। गाड़ियां अलग-अलग दिशाओं में चली गईं, ताकि पत्रकारों और निगरानी कर रहे लोगों को उनकी वास्तविक स्थिति का पता न चल सके। यहां तक कि उनके कुछ करीबी समर्थक भी शुरुआत में उनकी लोकेशन से अनजान थे।
मामले में तेजी तब आई, जब चुनाव में हार के बाद बोल्सोनारो के सामने कानूनी मुश्किलें बढ़ गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में उन्हें 24 घंटे के भीतर पासपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था और देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी। बोल्सोनारो ने हालांकि किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
इसके बावजूद, उनकी पत्नी और दो बेटियों के साथ सड़क मार्ग से अर्जेंटीना पहुंचने की योजना आगे बढ़ी। अर्जेंटीना के अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि परिवार मंगलवार रात करीब 10:50 बजे स्थानीय समय पर तानक्रेडो नेवेस अंतरराष्ट्रीय पुल पार कर प्यूर्टो इगुआजु पहुंचा।
इसके बाद अर्जेंटीना के हवाईअड्डा सुरक्षा पुलिसकर्मियों की निगरानी में परिवार इगुआजु फॉल्स अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचा। वहां उनके लिए पहले से एक निजी गल्फस्ट्रीम विमान तैयार था। चार्टर एयरलाइन बेयरेस फ्लाई द्वारा संचालित यह विमान ईंधन भरवाने के लिए इक्वाडोर के ग्वायाकिल में रुका और फिर अमेरिका रवाना हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, बोल्सोनारो ने यात्रा में अपने इतालवी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। उन्हें 2023 में इतालवी नागरिकता मिलने की बात कही गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आई है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को बोल्सोनारो परिवार को अमेरिका में प्रवेश की व्यक्तिगत मंजूरी दी। इसके बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वीजा जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
रिपोर्ट में शामिल सूत्रों के मुताबिक, परिवार को मानवीय आधार पर पैरोल के तहत अमेरिका में एक साल तक रहने की अनुमति दी गई। ट्रंप के सलाहकार जेसन मिलर ने बोल्सोनारो के छोटे भाई एडुआर्डो के साथ मिलकर चार्टर विमान की व्यवस्था कराने में मदद की। वहीं, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के वरिष्ठ सहयोगी सैंटियागो कैपुटो इस अभियान पर नजर रख रहे थे।
बुधवार सुबह विमान मियामी के ओपा-लोका एक्जीक्यूटिव एयरपोर्ट पर उतरा। कैमरों से बचाने के लिए अधिकारियों ने छतरियों की आड़ बनाई और परिवार को एक इंतजार कर रहे वाहन तक पहुंचाया।
मियामी पहुंचने के बाद बोल्सोनारो ने खुद को ब्राजील का नेता बताते हुए ट्रंप का आभार जताया। उन्होंने मिलेई की भी प्रशंसा की। दूसरी ओर, ट्रंप ने कहा कि बोल्सोनारो परिवार के साथ बहुत अनुचित व्यवहार हुआ, हालांकि उन्होंने ब्राजील के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।
रिपोर्ट के अनुसार, बोल्सोनारो अमेरिका में रहकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना पर विचार कर रहे हैं। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन ब्राजील के राजनीतिक विवाद या वहां चल रही कानूनी जांच में आगे कोई भूमिका निभाएगा या नहीं।
यह घटनाक्रम केवल एक नेता के देश छोड़ने की कहानी नहीं है। यह दिखाता है कि चुनावी हार, अदालत की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक रिश्ते किस तरह एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका में रहकर बोल्सोनारो अपनी राजनीति को नई दिशा देंगे या ब्राजील में चल रही कानूनी चुनौतियां उनकी वापसी का रास्ता तय करेंगी।