
West Palm Beach plane accident: अमेरिका के फ्लोरिडा में दो नंवबर को हुए विमान हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने जांच समिति का गठन किया। शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि विमान जमीन से टकराने से पहले ही हवा में टूटने लगा था। NTSB सदस्य टॉम चैपमैन ने कहा कि विमान के टूटने के संकेत मिले हैं, इसलिए उसके कुछ हिस्से हादसे वाली जगह से काफी दूर मिल सकते हैं। अमेरिका की राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने बताया कि जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या खराब मौसम, बर्फ जमने और टर्बुलेंस की वजह से हादसा हुआ। इसके अलावा तकनीकी खराबी और फ्लाइट क्रू की कार्रवाई की भी जांच हो रही है।
NTSB ने घटना को लेकर बताया कि उड़ान के दौरान क्रू ने करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी। उस समय तापमान माइनस 47 डिग्री सेल्सियस था। पायलट ने ATC को हल्की टर्बुलेंस और बारिश की जानकारी भी दी थी। मौसम से बचने के लिए वह नीचे 37,000 फीट तक आने की अनुमति मांगी थी। फ्लोरिडा ATC में मौजूद कर्मचारियों ने पायलट को तूफान की चेतावनी भी दी थी।
इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रिकॉर्डिंग के मुताबिक, क्रू ने "मेडे" कॉल किया। उस वक्त विमान करीब 8,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आ रहा था, जो बढ़कर 20,000 फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई। पायलट ने बताया कि विमान ओवरस्पीड स्थिति में है। आखिरी संदेशों में से एक में पायलट ने कहा कि हम जमीन से टकराने वाले हैं। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, संपर्क टूटने से पहले विमान करीब 27,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिर रहा था। वहीं, हादसे में मरने वालों की पहचान भी हो गई है। मृतकों में बिजनेसमैन एडम रॉबिन्सन, उनकी पत्नी हेलेन शार्प और उनके बच्चे एमा (4 साल) और चार्ली (2 साल) शामिल हैं। बाकी दो मृतक विमान के क्रू मेंबर थे।
घटना को लेकर अमेरिकी मीडिया फॉक्स न्यूज ने रिपोर्ट किया था कि विमान रविवार दोपहर करीब 12:50 बजे फ्लोरिडा के क्रेस्टहेवन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटनास्थल से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागे आवास की दूरी 14.4 किलोमीटर है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि विमान क्रैश से पहले बिजली की लाइन से टकराया।