
Tehran compound damage: दशकों तक जिस परिसर से निकलने वाला एक-एक हुक्म पूरे मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) की सियासत और सुरक्षा समीकरणों को हिलाकर रख देता था, आज वह खुद मलबे के ढेर और कटीली तारों के पीछे सिसक रहा है। ईरान के सरकारी मीडिया ने आखिरकार देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई के तेहरान स्थित बेहद सुरक्षित और निजी 'इमाम खुमैनी हुसैनिया कंपाउंड' की वो पहली तस्वीरें दुनिया के सामने जारी कर दी हैं, जिन्हें अब तक बेहद गुप्त रखा गया था।
इससे पहले अली खामेनेई के आवास के पास अत्याधुनिक भूमिगत बंकर परिसर होने का दावा किया गया है। यह दावा ईरान इंटरनेशन की एक रिपोर्ट में किया गया ता। रिपोर्ट में कहा गया कि इस परिसर में विस्फोटक रोधी कमरा और कई गुप्त सुरेंगें मौजूद थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूमिगत परिसर के निर्माण को वर्ष 2009 में अली खामेनेई की मंजूरी मिलने के बाद शुरू किया गया था। परियोजना का वित्तपोषण इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की निर्माण इकाई खातम अल-अनबिया कंस्ट्रक्शन मुख्यालय द्वारा किया गया था।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, बंकर का मुख्य प्रवेश द्वार इतना बड़ा था कि वाहन सीधे इंदर जा सकते थे और 30 मीटर की गहराई तक उतर सकते थे। परिसर में करीब 27 मीटर लंबी सुरंग भी बताई गई है, जो कई आपातकालीन निकास मार्गों से जुड़ी थी। इसके अलावा एक अन्य सुरंग तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर के पास स्थित एक पार्किंग गैरेज तक जाती थी।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इसे इजरायल रक्षा बल (IDF) ने परिसर को निशाना बनाया था। IDF के अनुसार, उसकी खुफिया इकाइयों यूनिट 8200 और यूनिट 9900 ने इस ठिकाने का पता लगाया था।
IDF का दावा था कि लगभग 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान के कई ब्लॉकों में फैले इस भूमिगत परिसर पर 100 से अधिक हथियारों से हमला किया था।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में तेहरान स्थित उनके कार्यालय पर हमले में मौत हो गई। यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ। उनकी मृत्यु के साथ 36 वर्षीय शासन का अंत हुआ।