अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Trump) के समधी चार्ल्स कुशनर पर फ्रांस आगबबूला है। फ्रांस ने कुशनर को आंतरिक मामलों में दखल न देने की हिदायत दी है।
फ्रांस ने अमेरिकी राजदूत और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के समधी चार्ल्स कुशनर को तलब किया है। कुशनर ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को पत्र लिखकर फ्रांस में यहूदी विरोधी भावनाओं से ढंग से नहीं निपटने की बात कही थी। इस पर फ्रांस ने कुशनर को जवाब तलब करते हुए दूतावास बुलाया है। साथ ही, कुशनर के आरोपों को अस्वीकार्य बताया है।
फ्रांस की सरकार ने कहा कि हम पूरी क्षमता से यहूदी विरोधी कृत्यों पर कार्रवाई कर रहे हैं। कुशनर ने फ्रांस की आंतरिक समस्याओं में दखल देने की कोशिश की है। वह फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच ट्रान्साटलांटिक साझेदारी की गुणवत्ता और सहयोगियों के बीच विश्वास की कमी को भी पूरा नहीं करते हैं।
दरअसल, बीते सप्ताह फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान को खारिज कर दिया था। जिसमें नेतन्याहू ने कहा था कि फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की फ्रांस की मंशा यहूदी-विरोधी भावना को बढ़ावा दे रही है। फ्रांस में बड़ी तादाद में यहूदी रहते हैं। इनकी संख्या 5 लाख के करीब है। जोकि फ्रासं की जनसंख्या का एक प्रतिशत है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कूटनीतिक जगत में उथल पुथल का दौर जारी है। यूरोप और खासकर नाटो समूह के देश ट्रंप के रवैये नाराज हैं। सबसे अधिक नाराज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों है। ट्रंप की टैरिफ नीति और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के भविष्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव गहरा गया है।
फ्रांस ने UNIFIL नामक शांति अभियान को समाप्त करने के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयास पर आपत्ति जताई है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस महीने के अंत में मतदान होना है। फ्रांस और अमेरिका भी रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन को समर्थन देने के मुद्दे पर बंटे हुए हैं।
चार्ल्स कुशनर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समधी हैं। उनके बेटे जेरेड का विवाह ट्रंप की सबसे बड़ी बेटी इवांका से हुआ है। चार्ल्स भी ट्रंप की तरह रियल स्टेट कारोबारी रह चुके हैं।