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डोनाल्ड ट्रंप को मिला जर्मन चांसलर का साथ, फ्रेडरिक मर्ज़ बोले-‘ईरान के पास नहीं होने चाहिए परमाणु हथियार’

Germany on Strait of Hormuz: ईरान परमाणु मुद्दे पर ट्रंप के समर्थन में आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़। जानें, क्यों जर्मनी होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अपनी सेना भेजने को है तैयार और क्या है बर्लिन का नया कूटनीतिक रुख।

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Apr 16, 2026
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo - IANS)

Friedrich Merz on Iran Nuclear Program: अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्ध विराम की तमाम कोशिशों के बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ परमाणु हथियार मसले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। अल-जजीरा के मुताबिक, जर्मन चांसलर का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम रुकना चाहिए, और साथ ही उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। फ्रेडरिक मर्ज़ का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्ध को लेकर दुनिया भर में आलोचनाओं के केंद्र में हैं।

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होर्मुज स्ट्रेट की योगदान को तैयार जर्मनी

चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने में जर्मनी सैन्य रूप से योगदान देने के लिए तैयार है, बशर्ते कानूनी और राजनीतिक शर्तें पूरी हों। बर्लिन में आयरिश प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ हुई बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मर्ज़ ने युद्धविराम बनाए रखने और बातचीत जारी रखने के लिए राजनयिक पहलों के प्रति अपने समर्थन को दोहराया।

उन्होंने कहा, 'हम इस बात से सहमत हैं कि कूटनीतिक समाधान के बिना इस क्षेत्र में स्थायी शांति संभव नहीं है। इसके लिए एक ठोस और कारगर समझौते की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि इस संदर्भ में यह स्पष्ट होना चाहिए कि ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम को समाप्त किया जाना चाहिए। ईरान को परमाणु बम हासिल नहीं करना चाहिए।'

उन्होंने मीडिया से बातचीत यह भी कहा कि कहा कि सैद्धांतिक रूप से हम पारगमन मार्गों को सुरक्षित करने में भाग लेने के लिए तैयार हैं। इसके लिए शत्रुता का अंत आवश्यक है। इसके लिए कम से कम एक अस्थायी युद्धविराम की आवश्यकता है।

इस दौरान उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिनमें कहा गया था कि जर्मन नौसेना संभावित तैनाती के लिए माइनस्वीपर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि संभावित मिशन के विवरण और जर्मनी के संभावित योगदान पर पेरिस बैठक में चर्चा की जाएगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की बात

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बात की। बातचीत के बीच दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को जल्द बहाल करने पर जोर दिया। इतना ही नहीं, दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आपसी सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

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