
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज। (फोटो: AI)
हॉर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बीच अमेरिका ने एक नया तरीका अपनाया है। उसकी सेना ने समुद्री रोबोट और ड्रोन भेज दिए हैं ताकि ईरान की तरफ से बिछाई गई बारूदी सुरंगें साफ हो सकें।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में ईरान ने इस रास्ते को लगभग बंद कर रखा था। अब अमेरिका चाहता है कि व्यापारिक जहाज फिर से आसानी से गुजर सकें।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि सेना मैन और अनमैन्ड दोनों तरीकों से काम कर रही है।
हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्ता है। ईरान ने यहां माइन्स बिछा दिए थे, जिससे बड़े-बड़े जहाज रुक गए। अमेरिका अब छोटे-छोटे रोबोट भेज रहा है जो पानी के नीचे जाकर माइन्स का पता लगाएंगे। पता चलने के बाद दूसरे रोबोट उन्हें नष्ट भी कर देंगे।
भारत के लिए ये बहुत बड़ी खबर है। हमारा 60 प्रतिशत से ज्यादा तेल इसी रास्ते से आता है। अगर रास्ता साफ हो गया तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से बच सकती हैं।
पूर्व अमेरिकी नेवी एडमिरल केविन डोनेगन ने बताया कि छोटे-छोटे इलाके को अनमैन्ड अंडरवाटर व्हीकल से कुछ दिनों में ही साफ किया जा सकता है। हफ्तों लगाने की जरूरत नहीं।
अमेरिकी सेना का कहना है कि पहले रोबोट स्कैनिंग करेंगे, फिर जरूरत पड़ी तो मैनुअल टीम काम करेगी। इससे नाविकों की जान भी बचती है।
हॉर्मुज में कुछ दिन पहले भारत के दो जहाजों पर गोलीबारी हुई थी। उस घटना के बाद ये रोबोट मिशन और भी जरूरी हो गया है। अगर अमेरिका सफल रहा तो भारत को तेल का आयात फिर से सामान्य हो जाएगा।
फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अमेरिका का ये कदम दिखाता है कि वो होर्मुज को खुला रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा। आम भारतीय के लिए ये उम्मीद की किरण है कि पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें और महंगाई का बोझ थोड़ा कम हो।
Updated on:
19 Apr 2026 06:41 pm
Published on:
19 Apr 2026 06:41 pm
