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यमन के हूतियों ने डोनाल्ड ट्रंप को दी धमकी, बोले- बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को नहीं खोल पाएगी कोई महाशक्ति

Houthis on Donald Trump: यमन के हूती विद्रोहिया के लिए बॉब अल-मंडेब स्ट्रेट बंद करने की धमकी वैश्विक व्यापार के लिए अलर्ट की तरह है।

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Bab al-Mandab Strait

Strategic map showing Bab al-Mandab Strait and hormuz strait (Photo- X / @KobeissiLetter)

Houthis on Bab al-Mandeb Strait: पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव खत्म नहीं होने का नाम ले रहा है। ऐसे में यमन के हूतियों की तरफ से बाब अल-मंडेब स्ट्रेट बंद करने की आई धमकी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यमन के हूती प्रशासन ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर इसको लेकर चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा, 'यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जिसे उन्होंने साजिशकर्ता दुनिया कहा है, शांति में बाधा डालने वाली सभी प्रथाओं और नीतियों को समाप्त नहीं करते हैं, तो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को बंद किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि यदि सना बाब अल-मंडेब को बंद करने का निर्णय लेता है, तो समस्त मानव जाति और जिन्न भी इसे खोलने में पूरी तरह से असमर्थ होंगे।

यमन सरकार ने भी दी चेतावनी

यमन के विदेश मंत्री डॉ. शाया मोहसेन अल-ज़िंदानी ने बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, विदेश शक्तियों द्वारा समर्थित प्रॉक्सी बलों की ओर से बॉल अल मंडेब पर नियंत्रण का कोई भी प्रयास अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल देगा।

अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में उन्होंने कहा कि लाल सागर में अस्थिरता से वैश्विक व्यापार और नौवहन को सीधा नुकसान होगा। उन्होंने हूतियों पर ईरान के जरिए धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमने सुना है कि ईरानी शासन हाल ही में अल-मंडेब स्ट्रेट को भी बंद करने की धमकी दे रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है बाब अल-मंडेब?

बाब अल-मंडेब ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और स्वेज नहर की ओर जाने व वहां से आने वाले जहाजों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के रूप में कार्य करता है। इस स्ट्रेट की चौड़ाई मात्र 29 किलोमीटर (18 मील) है, जिससे आने-जाने वाले यातायात के लिए केवल दो संकरे चैनल (रास्ते) ही उपलब्ध रह जाते हैं।

यह समुद्री वस्तु शिपमेंट के लिए दुनिया के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। विशेष रूप से खाड़ी देशों से यूरोपीय बाजारों में जाने वाले कच्चे तेल और परिष्कृत ईंधन, साथ ही एशिया की ओर जाने वाले रूसी तेल के शिपमेंट के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।