हाल ही में जर्मनी के एक मिलिट्री ऑफिसर को जेल की सज़ा मिली है। क्या था उसका जुर्म? आइए जानते हैं।
अलग-अलग देशों में कुछ अवसरों पर दूसरे देशों के जासूसों के पकड़े जाने के मामले सामने आते हैं। ऐसा ही कुछ अब जर्मनी (Germany) में एक बार फिर हुआ है। जर्मनी में हाल ही में जासूसी के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। और जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है, वह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि जर्मन आर्मी ऑफिसर है। इस आर्मी ऑफिसर को रूस (Russia) के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
रूस के दूतावास को दी गुप्त सैन्य जानकारी
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम थॉमस एच. (Thomas H.) है। थॉमस ने बर्लिन (Berlin) में रूस के दूतावास से संपर्क किया और गुप्त सैन्य जानकारी दी। जब उसने ऐसा किया तब वह जर्मन आर्मी के खरीद कार्यालय में कैप्टन था।
कब हुआ गिरफ्तार?
जासूसी के आरोप में थॉमस को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। थॉमस को कोब्लेंज़ (Koblenz) शहर में गिरफ़्तार किया गया और उस पर युद्ध सामग्री प्रशिक्षण प्रणालियों और विमान प्रौद्योगिकी की तस्वीरें रूस के दूतावास से शेयर करने का आरोप लगाया गया।
आरोपी ने कबूला अपना गुनाह
इसी सोमवार को आरोपी ने डसेलडोर्फ की एक अदालत में अपना गुनाह कबूल लिया। उसने अदालत में सेना की गुप्त जानकारी रूस के दूतावास से शेयर करने की बात कबूली और इसे एक मूर्खतापूर्ण विचार बताया। साथ ही थॉमस ने अपने किए पर पछतावा भी जताया।
3.5 साल की हुई जेल
थॉमस को रूस के लिए जासूसी करने के जुर्म में 3.5 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है।
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