भारत (nri news in hindi) से अमरीका में जा कर स्टडी ( study) या जॉब करने वाले प्रोफेशनल्स ( profesionals) और स्किल वर्कर्स ( skill workers)के लिए एक अहम खबर है। अब अमरीका में भारतीय अप्रवासियों (indian immigrants) के लिए ग्रीन कार्ड ( Green card) प्रतीक्षा अवधि (waiting limit) 70 वर्ष से अधिक बढ़ गई है। अमरीकी सांसदों ( american members of parliament) के हाल ही में एक शिखर सम्मेलन में ग्रीन कार्ड बैकलॉग व एच-1बी वीजा ( H 1 B Viza) मुद्दे उठाने पर यह निर्णय किया गया है।
इन अमरीकी सांसदों (member of parliament ) ने विशेष श्रेणियों में विदेशी अतिथि श्रमिकों को ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए 7% देश की सीमा हटाने की वकालत की है। इस नीति के परिणामस्वरूप कुछ मामलों में भारतीय अप्रवासियों (indians abroad news ) के लिए ग्रीन कार्ड प्रतीक्षा अवधि 70 वर्ष से अधिक बढ़ गई है।
हर देश के हिसाब से तय समय सीमा
अमरीका में ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवास कार्ड के तौर पर जाना जाता है। यह अमेरिका में प्रवासियों (overseas indians news
) को जारी किया जाने वाला दस्तावेज है, जिसके तहत वीजाधारक को स्थायी रूप से रहने का अधिकार दिया जाता है। ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए हर देश ( india diaspora news ) के हिसाब से एक तय समय सीमा होती है।
एच-1बी वीजा की सीमा
अमरीका सरकार हर साल जारी होने वाले एच-1बी वीजा की संख्या पर एक सीमा तय करती है। वर्तमान में ( latest nri news in hindi) , सीमा प्रति वित्तीय वर्ष 65,000 वीज़ा है, जिनके लोगों (I india abroad news ) के पास मास्टर डिग्री या उच्चतर डिग्री है, उनके लिए 20,000 अतिरिक्त वीज़ा उपलब्ध हैं।
दोनों दल साथ नजर आए
अमरीका की राजधानी वाशिंगटन में आयोजित आव्रजन शिखर सम्मेलन 'टेक इमिग्रेशन समिट' में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के सांसदों ने ग्रीन कार्ड बैकलॉग को संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता बताई और इस मुददे के लिए दोनों एक साथ नजर आए, भारतीय पेशेवरों और एच से संबंधित एच-1बी वीजा मुद्दों पर असर डाल रहा है।
स्थायी निवासी कार्ड
ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है, जो लोगों को संयुक्त राज्य अमरीकामें स्थायी रूप से रहने और काम करने ( Indian immigrants news) की अनुमति देता है। यूएस सरकार ( US government) की ओर से नेशनल सिक्योरिटी एग्रीमेंट ( National security agreement) 118.28 अरब डॉलर का एक पैकेज है, जिसका ऐलान किया गया है।
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