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दिल्ली बनेगा खालिस्तान’ नक्शा दिखाने पर पन्नून के खिलाफ केस दर्ज, PM को झंडा फहराने से रोकने पर की थी 11 करोड़ के इनाम की घोषणा

Gurpatwant Singh Pannun Arrest: गुरपतवंत सिंह पन्नून ने प्रधानमंत्री मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
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Updated: 23 Sep 2025, 8:03 PM IST
Gurpatwant Singh Pannun Arrest
अलगाववादी सिख नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून। (फोटो: X Handle Boil Anda.)

Gurpatwant Singh Pannun Arrest: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)को स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों को उस समय बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था, जब अलगाववादी सिख नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून (Gurpatwant Singh Pannun Arrest)ने लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इस भड़काऊ बयान के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पन्नून के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है। गृह मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जिसे अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी से पन्नून ने वर्चुअली संबोधित किया था। इस दौरान उसने खुलेआम प्रधानमंत्री को तिरंगा फहराने से रोकने वाले किसी भी सिख सैनिक को 11 करोड़ रुपये देने की बात कही थी। इतना ही नहीं, उसने “दिल्ली बनेगा खालिस्तान” (Delhi will become Khalistan) नामक एक नया नक्शा भी जारी किया था, जिसमें पंजाब के अलावा दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश को शामिल किया गया था।

एनआईए की कार्रवाई

गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ NIA ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर में पन्नून के साथ कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया है। पन्नून ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) नामक प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख है, जो खालिस्तान के नाम पर भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मामले

यह एनआईए की ओर से पन्नून के खिलाफ दर्ज की गई सातवीं एफआईआर है। इससे पहले नवंबर 2023 में भी उस पर एयर इंडिया और दिल्ली एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने का केस दर्ज हुआ था। पन्नून को भारत सरकार पहले ही 2020 में UAPA के तहत “व्यक्तिगत आतंकवादी” घोषित कर चुकी है। उस पर अब तक कुल 96 केस दर्ज हो चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टेडियम, संसद और रक्षा मंत्री के आवास को धमकी देने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय साजिश का भी लिंक

पिछले साल पन्नून तब भी चर्चा में आया था, जब अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारत के एक पूर्व खुफिया अधिकारी ने उस पर हमले की साजिश रची थी। इस मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता अमेरिका की जेल में बंद है और इसमें पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव का नाम भी सामने आया था। पन्नून के पास अमेरिका और कनाडा की नागरिकता है, और वह लगातार भारत विरोधी भाषणों और अभियानों के ज़रिये चर्चा में रहता है।

सरकार देश विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त

बहरहाल गुरपतवंत सिंह पन्नून की इस भड़काऊ गतिविधि ने भारत की आंतरिक सुरक्षा और विदेशी षड्यंत्रों के खिलाफ एक बार फिर सतर्कता की आवश्यकता को उजागर किया है। एनआईए की कार्रवाई यह संकेत देती है कि सरकार देश विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।