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भारत और तिब्बत से नफरत की इंतेहा, चीन ने प्रमुख तिब्बती स्कूल बंद कर दिया,शेयर की गई तस्वीरें हटाईं

China Shuts Tibetan School: चीन सरकार का आदेश न मानने पर ड्रेगन ने दिवंगत बौद्ध नेता तुलकु हुंगकर दोरजे स्थापित मशहूर तिब्बती शैक्षणिक संस्थान, हुंगकर दोरजे वोकेशनल हाई स्कूल को स्थायी रूप से बंद कर दिया है।
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Jul 02, 2026
China Shuts Prominent Tibetan School News
तिब्बती स्कूल में आयो​जित तिब्बती सांस्कृतिक महोत्सव की यादें । ( सांकेतिक फोटो: ANI)

China Shuts Prominent Tibetan School : चीन ने भारतीय और तिब्बती संस्कृति से नफरत में अजीब अजीब कदम उठा रहा है। चीन ने तिब्बती भाषा और सांस्कृतिक शिक्षा पर एक और हमला करते हुए दिवंगत बौद्ध नेता तुलकु हुंगकर दोरजे की ओर से स्थापित मशहूर तिब्बती शैक्षणिक संस्थान, हुंगकर दोरजे वोकेशनल हाई स्कूल को स्थायी रूप से बंद कर दिया है। इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने यह रिपोर्ट दी है। स्कूल बंद होने के बाद, तिब्बतियों की ओर से शेयर की गई ऑनलाइन श्रद्धांजलि और तस्वीरें कथित सेंसरशिप के कारण से हटा दी गई हैं। ध्यान रहे कि इस संस्थान में तिब्बती, चीनी और अंग्रेजी भाषाओं के पाठ्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक बुनाई, सिलाई, तिब्बती चिकित्सा, थांगका कला और सूचना प्रौद्योगिकी में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाता था।

यह आधुनिक शिक्षा केंद्र के नाम से भी जाना जाता है

जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने स्कूल को स्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया, जिससे तिब्बती विरासत के संरक्षण पर केंद्रित लगभग दो दशकों के शैक्षिक कार्य का अंत हो गया । किंघाई प्रांत के गोलोग तिब्बती स्वायत्त प्रांत में स्थित आईसीटी के अनुसार, यह संस्थान, जिसे स्नो लैंड प्राचीन और आधुनिक शिक्षा केंद्र के नाम से भी जाना जाता है और तिब्बती भाषा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए 2008 में स्थापित किया गया था।

तिब्बती भाषा के उपयोग का निर्णय बीजिंग की शिक्षा नीति के खिलाफ

इस शिक्षा के माध्यम के रूप में तिब्बती भाषा का प्रमुख उपयोग करने का निर्णय बीजिंग की शिक्षा नीति के खिलाफ था, जिसके अनुसार तिब्बती क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों में भी मंदारिन को शिक्षण की मुख्य भाषा बनाना अनिवार्य होता जा रहा है। स्कूल के संस्थापक, तुलकु हुंगकर दोरजे, जो लुंगगोन मठ के प्रमुख थे, कथित तौर पर मार्च 2025 में वियतनाम में चीनी हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी मृत्यु से पहले लगातार आधिकारिक दबाव का सामना कर रहे थे।

नोरबू स्वागत समारोह करने से इनकार पर कीमत चुकाई

उन्होंने गोलोग यात्रा के दौरान बीजिंग की ओर से नियुक्त पंचेन लामा ग्यालत्सेन नोरबू के लिए भव्य स्वागत समारोह आयोजित करने से इनकार करने के बाद चीनी अधिकारियों की नाराजगी मोल ली थी। ध्यान रहे कि जुलाई 2008 में खुलने से पहले स्थानीय शिक्षा अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बावजूद, स्कूल का अब सभी प्रकार का संचालन बंद करने का आदेश दिया गया है।

यहां 1,000 से अधिक छात्रों ने पढ़ाई की थी

आईसीटी के अनुसार पूर्व छात्रों ने संस्थान के बंद होने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यहां 1,000 से अधिक छात्रों ने यहां पढ़ाई की थी और एक समय में भिक्षुओं, भिक्षुणियों और आम लोगों सहित 800 से 1,000 छात्रों का नामांकन होता था।

आईसीटी ने रिपोर्ट किया है कि अधिकारियों ने पहले 2024 में नए दाखिलों पर रोक लगा दी थी, हालांकि तुलकु हुंगकर दोरजे ने मौजूदा छात्रों को अपनी शिक्षा पूरी करने की अनुमति देने के लिए अपील की थी। (एएनआई)

Updated on:
02 Jul 2026 06:44 pm
Published on:
02 Jul 2026 06:44 pm