विदेश

हीलियम गैस का संकट गहराया, एमआरआई जांच से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण पर पड़ रहा असर

Iran-US Israel War: ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से हीलियम गैस का संकट गहराता जा रहा है। इस वजह से कई सेक्टर्स पर असर पड़ रहा है।

2 min read
Mar 27, 2026
Helium gas

अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच युद्ध का आज 28वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अनुसार युद्ध को रोकने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन इसके साथ ही हमलों का सिलसिला भी बरकरार है। अमेरिका और इज़रायल के हमले अभी भी नहीं रुके हैं और ईरान की जवाबी कार्रवाई भी जारी है। इस युद्ध की वजह से हीलियम गैस (Helium Gas) की वैश्विक आपूर्ति का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बाधित हो गया है।

ये भी पढ़ें

पूर्व ब्रिटिश मंत्री का हैरान करने वाला बयान…इज़रायल ने शुरू किया ईरान के खिलाफ युद्ध, हमेशा से करना चाहता था हमला

गहरा रहा है संकट

युद्ध की वजह से शिपिंग पाबंदियों और ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों से हीलियम गैस का संकट और गहरा गया है। हीलियम गैस एमआरआई मशीनों और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए बेहद ज़रूरी है। इसकी कमी से स्वास्थ्य सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर सीधा असर पडऩे की आशंका है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध और लणा चला तो तो कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हो सकती है।

कतर पर हमलों से पड़ रहा है असर

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025 में कतर (Qatar) ने करीब 6.3 करोड़ घन मीटर हीलियम गैस का उत्पादन किया था। हीलियम गैस का सबसे ज़्यादा उत्पादन करने वाले देशों की लिस्ट में कतर का दूसरा स्थान है। इस युद्ध के दौरान ईरान ने कतर के रास लफान और मसाईद स्थित ऊर्जा संयंत्रों पर हमले किए। इससे हीलियम गैस का उत्पादन लगभग रुक गया है।

एमआरआई और सेमीकंडक्टर उत्पादन पर पड़ेगा नकारात्मक असर

हीलियम गैस का करीब एक-चौथाई उपयोग एमआरआई मशीनों के सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट को ठंडा रखने में होता है। इसके बिना आधुनिक चिकित्सा जांच प्रभावित हो सकती है। सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में भी यह गैस जरूरी है और इसका कोई विकल्प नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर आपूर्ति 30 दिन तक बाधित रहती है तो वैश्विक स्तर पर एमआरआई जांचों पर असर पड़ेगा। साथ की सेमीकंडक्टर चिप की कीमतें भी 10% से 20% तक बढ़ सकती हैं। अगर यह रुकावट 90 दिन तक जारी रहती है तो कीमतों में 25% से 50% तक उछाल आ सकता है। ताइवान (Taiwan), साउथ कोरिया (South Korea), जापान (Japan) और चीन (China) में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री होने के कारण हीलियम गैस की सबसे ज़्यादा मांग रहती है।

ये भी पढ़ें

इज़रायल ने कैस्पियन सागर में रूस-ईरान के हथियार सप्लाई लाइन पर दागीं मिसाइलें

Also Read
View All

अगली खबर