
इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के बीच नाम मात्र के सीज़फायर का कोई भी असर नहीं दिख रहा है और आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) से जंग जारी है। साउथ लेबनान में इज़रायली सेना के हमले जारी हैं, जिसके जवाब में हिज़बुल्लाह भी कार्रवाई कर रहा है। अब हिज़बुल्लाह ने एक बार फिर साउथ लेबनान में इज़रायली सेना को निशाना बनाया है।
हिज़बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने साउथ लेबनान के हुला (Hula) शहर में इज़रायली सेना के एक ठिकाने पर हमला किया। हिज़बुल्लाह ने तड़के सुबह इज़रायली सैन्य ठिकाने पर 2 ड्रोन्स दागे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हुला शहर यह शहर इज़राइल की बॉर्डर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर है।
साउथ लेबनान के हुला शहर में इज़रायली सेना के ठिकाने पर हिज़बुल्लाह के ड्रोन अटैक से कितना नुकसान हुआ, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पिछले कुछ हफ्तों में हिज़बुल्लाह ने इज़रायली सेना के खिलाफ हमले तेज़ कर दिए हैं और इन हमलों में ड्रोन्स के साथ ही रॉकेट्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि हिज़बुल्लाह के ज़्यादातर हमलों को इज़रायली सेना नाकाम कर रही है।
इज़रायली हमलों में हिज़बुल्लाह के 10 हज़ार से ज़्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। खुद इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कुछ समय पहले इस बारे में जानकारी दी है। अभी भी इज़रायली हमलों में कई हिज़बुल्लाह आतंकी मारे जा रहे हैं। इसके साथ ही आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अब तक हुए इज़रायली हमलों में भारी नुकसान पहुंच चुका है।
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लेबनान में जंग रुकवाने की काफी कोशिशें कर चुके हैं। उनकी मध्यस्थता में सीज़फायर भी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद बात नहीं बन रही है। नेतन्याहू के आदेश पर इज़रायली सेना ने 2 मार्च से लेबनान पर हमले तेज़ कर दिए। इन हमलों में न सिर्फ हिज़बुल्लाह आतंकी, बल्कि लेबनान के निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं। ऐसे में इस जंग को रोकने के लिए ट्रंप को आगे आना पड़ा और उनकी मध्यस्थता में 16 अप्रैल को पहली बार दोनों देशों में 10 दिन के सीज़फायर पर सहमति बनी थी, लेकिन इज़रायल ने इस दौरान भी हमले नहीं रोके। इसकी डेडलाइन खत्म होने के बाद सीज़फायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन इज़रायल ने इस दौरान भी सीज़फायर उल्लंघन किया। 15 मई को एक बार फिर दोनों देशों के बीच 45 दिन के सीज़फायर की सहमति बनी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 3 जून को एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी, लेकिन अभी भी इज़रायल के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।