
यमन के बंदरगाह पर हुति विद्रोहियों का अटैक (फोटो- X@theglobaleye)
Houthis attack Yemen: लाल सागर में तनाव के बीच यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले ऐतिहासिक बंदरगाह अल-मखा पर एक बड़ा हमला हुआ है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक से लदे ड्रोनों का इस्तेमाल करके बंदरगाह परिसर को निशाना बनाया। हमले के तुरंत बाद कई धमाकों की आवाज सुनी गई और बंदरगाह इलाके में भीषण आग लग गई।
सरकारी समाचार एजेंसियों और स्थानीय नेटवर्क के अनुसार, हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों ने मुख्य रूप से बंदरगाह पर नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया। हमले के बाद आसमान में काले धुएं के गुबार और ऊंची लपटें उठती देखी गईं, जिससे इलाके में दहशत और अफरातफरी का माहौल बन गया।
वॉयस ऑफ एमिरेट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल-मखा पोर्ट के डायरेक्टर अब्दुलमलिक अल-शराबी ने बताया कि हूती विद्रोहियों के हमले से पोर्ट कॉम्प्लेक्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले में कई बड़े लॉजिस्टिक्स गोदाम और फ्यूल टैंक क्षतिग्रस्त हुए, जिससे भीषण आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए फायरफाइटर्स और इमरजेंसी टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
हमले के बाद, सुरक्षा कारणों से एहतियाती उपाय के तौर पर बंदरगाह पर सभी कार्गो हैंडलिंग और जहाजों की आवाजाही का काम रोक दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले का मकसद सऊदी समर्थित यमनी रक्षा बलों की सप्लाई चेन और सैन्य उपकरणों को बाधित करना था, जो हाल ही में बंदरगाह पर पहुंचे थे।
लाल सागर और यमन के पश्चिमी तट पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। अल-मखा बंदरगाह पर यह हमला हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में गश्त कर रहे भारतीय कार्गो जहाज MSV फैज नूर ओलिय को विस्फोटक से लदी नाव से निशाना बनाने के कुछ ही समय बाद हुआ है। हमले के बाद भारतीय जहाज डूब गया, हालांकि चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय जहाज पर हमले और हाल ही में एक प्रमुख बंदरगाह को निशाना बनाए जाने के बाद लाल सागर के व्यावसायिक मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट गहरा गया है।
Updated on:
09 Aug 2026 04:23 pm
Published on:
09 Aug 2026 04:22 pm
