10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव! अमेरिका-ईरान अपनी शर्तों पर कायम, कोई नहीं हट रहा पीछे

Iran-US Tensions: होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी बरकरार है। दोनों अपनी शर्तों पर कायम हैं। अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड को लेकर जानिए ताजा अपडेट।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Saurabh Mall

Aug 10, 2026

iran-us war

फोटो में ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई और यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स: ANI)

Strait of Hormuz Blockade: ईरान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहने तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि जलमार्ग को खोलने के लिए पहले अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य कदम रोकने होंगे।

तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बघाई ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की स्थिति सीधे उन परिस्थितियों पर निर्भर करती है, जो अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण पैदा हुई हैं। उन्होंने अमेरिका से अपनी कार्रवाई रोकने और पीछे लेने की अपील की, ताकि आगे की बातचीत का रास्ता बन सके।

अमेरिकी नाकाबंदी हटेगी तभी खुलेगा होर्मुज

बघाई ने कहा कि जब तक अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी जारी है, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए जरूरी परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने इस रणनीतिक जलमार्ग की मौजूदा स्थिति को प्रभावित किया है।

ईरान-अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी रविवार को कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। हालांकि, मध्यस्थ दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के रास्ते तलाश रहे हैं।

अराघची के मुताबिक, ईरान तब तक बातचीत दोबारा शुरू करने को तैयार नहीं है, जब तक अमेरिका कथित तौर पर समझौता ज्ञापन यानी MoU के उल्लंघन को खत्म नहीं करता और हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ फिलहाल 'सेमी-नेगोशिएटिंग' स्थिति में है। उन्होंने सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की बात कही।

ईरान और ओमान के बीच नए समुद्री रूट पर बातचीत

इस बीच, ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात के लिए एक नए अस्थायी रूट को लेकर बातचीत जारी है। अराघची ने बताया कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्ट्रेट में मौजूद उत्तरी और दक्षिणी रूट की जगह एक मध्यवर्ती रूट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह व्यवस्था अस्थायी होगी और बाद में दोनों देश नया ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम तय कर सकते हैं। हालांकि, अराघची ने साफ किया कि ओमान के साथ किसी समुद्री समझौते पर पहुंचना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के बराबर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जलमार्ग खोलने का फैसला कई अन्य शर्तों पर निर्भर करेगा।

समुद्री सेवाओं के लिए फीस लेने की बात

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उपलब्ध कराई जाने वाली समुद्री सेवाओं के लिए फीस ली जानी चाहिए।

ओमान के साथ बातचीत के दौरान क्या ऐसी फीस पर चर्चा हुई, इस सवाल के जवाब में बघाई ने कहा कि जब समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तो उनके बदले भुगतान किया जाना सामान्य बात है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत के इस चरण में फीस से जुड़े ब्योरे पर चर्चा नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत सुचारू से आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में सुरक्षित शिपिंग, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, समुद्री सेवाओं और अपराधों से निपटने के लिए तंत्र तैयार किया जाएगा।

,अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत नहीं

ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ सीधी बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच गतिरोध अभी खत्म नहीं हुआ है। ईरान ने जहां जलमार्ग खोलने को अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी हटाने से जोड़ा है, वहीं ओमान के साथ अस्थायी समुद्री रूट को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

बता दें फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल है। खाड़ी देशों से कच्चे तेल और एलएनजी की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से वैश्विक बाजारों तक पहुंचती है