US-Iran tensions: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ी टकराव की आशंका, ईरान की कड़ी चेतावनी, परमाणु मुद्दे पर मतभेद और मध्य-पूर्व संघर्ष के वैश्विक आर्थिक व खाद्य संकट पर पड़ते असर की पूरी जानकारी।
Iran threat to US: अमेरिका और ईरान भले ही स्थायी समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी भी तनाव बरकरार है। इसी क्रम में ईरान के सुप्रीम लीडर नेता मोजतबा खामेनेई के एक शीर्ष सैन्य सलाहकार ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी सैनिकों ने हमला किया, तो ईरान उन्हें बंधक बना लेगा; साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट सैन्य नाकेबंदी लागू करने वाले अमेरिकी जहाजों को डुबो देगा। आपको बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट तेल, गैस और खाड़ी क्षेत्र के अन्य निर्यात के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
कट्टरपंथी मोहसेन रजाई ने यह तक कह दिया कि अगर वाशिंगटन जमीनी हमला करता है, तो यह 'बहुत बढ़िया' होगा, क्योंकि 'हम हजारों लोगों को बंधक बना लेंगे, और फिर हर बंधक के बदले हमें एक अरब डॉलर मिलेंगे।'
ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत में भले ही कुछ प्रगति हुई हो लेकिन परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बुनियादी मतभेद अभी भी बरकरार है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ ईरान अधिकारी ने साफ किया कि भविष्य और परमाण कार्यक्रम पर लगने वाली पाबंदियों की अवधि जैसे कई अहम मसले दोनों देशों के बीच अभी भी अनसुलझे हैं।
उधर, पाकिस्तान ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द बातचीत हो सकती है, लेकिन इसके लिए लेबनान में शांति जरूरी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देश बातचीत को तैयार हैं। हालांकि वार्ता की तारीख और स्थान अभी तय नहीं हुआ है।
मध्य-पूर्व और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच मौजूदा तनाव को लेकर विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने AFP को बताया कि मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष लाखों और लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकता है, क्योंकि इसके आर्थिक दुष्प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किए जा रहे हैं।
इंदरमीत गिल ने कहा, 'लगभग 30 करोड़ लोग ऐसे हैं जो पहले से ही गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'जैसे-जैसे इसके दूरगामी प्रभाव बढ़ेंगे, यह संख्या बहुत तेजी से, लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।'