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हूतियों ने ली सऊदी अरब के अरामको रिफाइनरी पर हमले की जिम्मेदारी, क्या अब जंग में कूदेगा पाकिस्तान?

Houthi Aramco attack: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली, जजान और जुबैल में लगी आग। मक्का रक्षा समझौते के बीच अब सवाल, क्या पाकिस्तान इस जंग में उतरेगा?
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Aug 09, 2026
Houthi attack on Saudi Arabia.
यमन के हूती विद्रोही (File Photo - IANS)

Mecca defense pact: सऊदी अरब में आज सुबह बड़ा धमाका हुआ। उसके पीछे की वजह सामने आते ही मध्य एशिया में तनाव फिर से चरम पर पहुंच गया। यमन के हूती विद्रोही गुट ने जजान में स्थित अरामको की रिफाइनरी साइट पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ले ली है। इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लग गई, हालांकि सऊदी प्रशासन का कहना है कि आग पर जल्द काबू पा लिया गया।

क्यों किया हूतियों ने हमला ?

हूती गुट ने साफ कहा है कि उसने ड्रोन के जरिए जजान की तेल फैसिलिटी को निशाना बनाया। गुट का कहना है कि यह हमला बदले की कार्रवाई थी, क्योंकि सऊदी अरब ने यमन के सादा और हज्जाह प्रांतों में ड्रोन हमले किए थे।

जुबैल में भी सुना गया तेज धमाका

सिर्फ जजान ही नहीं, इसी दौरान जुबैल इलाके से भी एक बड़ी और तेज आवाज सुनाई देने की खबरें आईं। कहा जा रहा है कि जुबैल इंडस्ट्रियल सिटी की गैस फैसिलिटी को भी निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां आग लग गई। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने खुद इस बात की पुष्टि की कि जुबैल और जजान दोनों जगह अरामको की रिफाइनरी साइट्स पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं।

इस पूरे मामले के बीच सऊदी विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की गई थी। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह भी अपील की कि इस इलाके की सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक व्यापार को खतरे में डालने वाली हरकतों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यमन में शांति बहाल करने की कोशिशों को कोई नुकसान न पहुंचे।

मक्का अकॉर्ड के तहत क्या जंग में कूदेगा पाकिस्तान ?

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने बीते शुक्रवार को संयुक्त रक्षा समझौता किया है। इसके तहत किसी एक देश पर हमला अन्य सहयोगी देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस एग्रीमेंट को लेकर बीते दिनों पाकिस्तानी न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा था कि नए समझौते में जो भी प्रावधान हैं, वे समय आने पर सार्वजनिक किए जाएंगे। गौरतलब बात यह है कि 2015 में भी पाकिस्तान की संसद ने यमन में हूतियों के खिलाफ सऊदी गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया था और न्यूट्रैलिटी रखी थी।

Updated on:
09 Aug 2026 01:50 pm
Published on:
09 Aug 2026 01:50 pm