
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान की सलामती को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत एस. खान ने पाकिस्तान सरकार और सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान अब जिंदा नहीं है। साथ ही पत्रकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सूत्रों ने खुद इमरान खान को मृत नहीं देखा है। हालांकि इमरान खान की मौत की पुष्टी नहीं हुई है।
पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत एस. खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में दावा किया कि उन्होंने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान सेना के जनरल हेडक्वार्टर में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी हासिल की है। उनके मुताबिक, तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग तरीके से यह आशंका जताई कि इमरान खान अब जीवित नहीं हैं।
हालांकि, पत्रकार ने साफ किया कि यह दावा अभी पुष्टि नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों ने खुद इमरान खान को नहीं देखा, बल्कि उन्हें कुछ बातें सुनने को मिली हैं। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में भी इमरान खान की मौत की अफवाहें उड़ी थी। तब इमरान के परिजनों और उनकी पार्टी के सदस्यों ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मिलकर उनकी मौत की साजिश रचने का आरोप लगा था।
उधर, पीटीआई का कहना है कि इमरान खान के परिवार, वकीलों, पार्टी नेताओं और निजी डॉक्टरों को उनसे मुलाकात में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी बहनों ने भी उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई है। पार्टी ने इमरान खान की स्वतंत्र मेडिकल जांच कराने की मांग की है। इमरान खान की स्थिति को लेकर बढ़ी चिंता के बीच पीटीआई ने सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान पर दबाव बढ़ा दिया है। पीटीआई नेता सोहेल अफरीदी ने दावा किया है कि पार्टी के 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं में व्यवस्था को लेकर काफी गुस्सा है और इतनी बड़ी संख्या में लोग बाहर निकले तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान भी किया है।
पूर्व स्टार क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। वे फिलहाल 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं। इसके अलावा उन पर 9 मई, 2023 की हिंसा से जुड़े आतंकवाद रोधी कानून के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
इमरान खान की मौत को लेकर सामने आए दावे के बावजूद फिलहाल उनकी मौत की कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जेल में उनसे मुलाकात पर प्रतिबंध, उनकी सेहत को लेकर परिवार और पीटीआई की चिंता, सैन्य सूत्रों के हवाले से सामने आया अपुष्ट दावा और बड़े आंदोलन की चेतावनी ने पाकिस्तान में तनाव बढ़ा दिया है।