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लंबे समय तक चली कड़वाहट, फिर अचानक लिया गया अहम फैसला: जानें, क्यों बदले गए कनाडा में भारत के राजदूत ?

India-Canada relations 2025: भारत ने कनाडा में संबंधों की बहाली की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिनेश पटनायक को नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है।

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Aug 28, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी। (फोटो :IANS )

India-Canada relations 2025: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चली आ रही कूटनीतिक खटास (India-Canada relations 2025) अब कम होती दिख रही है। भारत ने वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के. पटनायक (Dinesh K. Patnaik) को कनाडा में नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है । दिनेश पटनायक (Dinesh Patnaik) 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। वे फिलहाल स्पेन ( Spain )में भारत के राजदूत के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया है कि वे जल्द ही कनाडा में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। पिछले साल प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो (justin trudeau) के कार्यकाल में कनाडा और भारत के रिश्ते बुरी तरह बिगड़ गए थे। ट्रुडो ने संसद में यह दावा किया था कि भारत का हाथ खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में हो सकता है।

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भारत ने नकारे थे ट्रुडो के आरोप

भारत ने इन आरोपों को 'बिल्कुल बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण' बताया और विरोधस्वरूप कनाडा से अपने उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को वापस बुला लिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे।

ट्रुडो सरकार पर भारत का आरोप

भारत ने साफ शब्दों में कहा था कि कनाडा सरकार देश-विरोधी तत्वों और खालिस्तानी संगठनों को समर्थन दे रही है। भारत ने कनाडा में रहने वाले अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और ओटावा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वह आतंक और अलगाववाद को बढ़ावा दे रही है।

नई शुरुआत: कार्नी सरकार (Mark Carney) का बदला रुख

अब जब कनाडा में मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री पद संभाला है, तो हालात बदलते नजर आ रहे हैं। जून में कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G7 आउटरीच समिट के लिए न्योता दिया और दोनों नेताओं के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसे "सकारात्मक और रचनात्मक" बताया गया।

रिश्ते सुधारने की दिशा में पहला कदम

इस बैठक में दोनों देशों ने सहमति जताई कि जल्द से जल्द एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्तों की बहाली की जाए। दिनेश पटनायक की नियुक्ति इसी दिशा में पहला बड़ा कदम है।

चरणबद्ध तरीके से कदम उठाए जाएंगे

उधर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "प्रधानमंत्रियों ने सहमति जताई है कि संबंधों में स्थिरता लाने के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठाए जाएंगे।"

अब आगे क्या होगा ?

दोनों देशों ने यह भी तय किया है कि व्यापार, लोगों के आपसी संपर्क, कनेक्टिविटी, और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर फिर से काम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही रुकी हुई व्यापार वार्ताएं भी दोबारा शुरू होंगी।
इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खाद्य सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर चर्चा हुई।

भविष्य की ओर देखना चाहता है भारत (Indian Community)

बहरहाल कनाडा में नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सत्ता में आने के बाद भारत ने संबंधों की बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दिनेश पटनायक की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि अब दोनों देश पुराने विवादों को पीछे छोड़ कर भविष्य की ओर देखना चाहते हैं।

कनाडा में भारतीय समुदाय,पंजाबी और सिक्ख (NRI News in Hindi)

कनाडा में लगभग 18 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो वहां की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं। इनमें से सबसे बड़ी आबादी पंजाबी समुदाय की है, जिनकी संख्या करीब 9 लाख से अधिक बताई जाती है। खास बात यह है कि कनाडा में रहने वाले सिखों की आबादी लगभग 8 लाख के आसपास है, जो दुनिया में भारत के बाहर सबसे बड़ी सिख आबादी मानी जाती है। पंजाबियों और सिखों की सबसे अधिक मौजूदगी ब्रिटिश कोलंबिया, ओंटारियो और अल्बर्टा जैसे प्रांतों में है, जहां ये लोग सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से भी प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।

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