
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo - Washington Post)
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज 11वां दिन है। दोनों ओर से हमले जारी हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की धमकी दी है। ईरान ने कहा कि हम एक लीटर तेल इस रास्ते दुश्मन को लेकर नहीं जाने देंगे। इस पर अब डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि अगर ईरान कुछ ऐसा करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट में तेल का फ्लो रुक जाता है, तो अमेरिका उन पर अब तक हुए हमलों से बीस गुना ज्यादा जोरदार हमला करेगा। उन्होंने इस चेतावनी के साथ ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने की धमकी भी दी। इस हमले के बाद ईरान के लिए एक देश के तौर पर फिर से बनना लगभग नामुमकिन हो जाएगा, लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं प्रार्थना करता हूं कि ऐसा न हो।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक को खतरे में डालने की इजाजत नहीं देगा। हम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी रखे हुए हैं, हम दुनिया में एनर्जी और तेल का फ्लो बनाए रखने पर भी ध्यान दे रहे हैं। मैं किसी भी आतंकवादी सरकार को दुनिया को बंधक बनाने और दुनिया की तेल सप्लाई को रोकने की कोशिश नहीं करने दूंगा। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी सुरक्षा के तहत खुला रहेगा। इसलिए होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित रहेगा। वहां हमारी नौसेना के बहुत सारे जहाज हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पानी के रास्ते को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी नौसेना की ताकत और माइन-क्लियरिंग क्षमता को तैयार किया जा रहा है। हमारे पास दुनिया के सबसे अच्छे उपकरण हैं, जो माइन की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका कमर्शियल शिपिंग के संचालन को सीधे समर्थन देने के लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा कि इस बीच, इस छोटी सी रुकावट के दौरान अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे किसी भी टैंकर को राजनीतिक जोखिम बीमा दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर खतरा बढ़ता है तो अमेरिका और उसकी साथी सेनाएं जहाजों को इस पतले पानी के रास्ते से एस्कॉर्ट कर सकती हैं। ट्रंप ने तर्क दिया कि रास्ता खुला रखना खुद अमेरिका की तुलना में एशिया और दूसरे एनर्जी-इम्पोर्ट करने वाले इलाकों के लिए ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इससे हम पर कोई खास असर नहीं पड़ता। हमारे पास बहुत ज्यादा तेल और गैस है, हमारी जरूरत से कहीं ज्यादा। उन्होंने कहा कि कई दूसरे देश इस रास्ते पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, खासकर चीन। ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका की तरफ से चीन और उन सभी देशों के लिए एक तोहफा है जो होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। हम सच में यहां चीन और दूसरे देशों की मदद कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपनी बहुत सारी एनर्जी देशों से मिलती है।
ट्रम्प ने यह भी बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कुछ बहुत अहम ठिकानों को अभी जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाद में कार्रवाई की जा सके। वहीं, ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया की सरकार से अपील की है कि वह ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण दे। उन्होंने कहा कि अगर ये खिलाड़ी वापस गए तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। दरअसल, राष्ट्रगान नहीं गाने पर ईरानी मीडिया में खिलाड़ियों को 'देशद्रोही' बताया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
Published on:
10 Mar 2026 09:10 am
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