
Nepal Election Result
Nepal Election: नेपाल की राजनीति में दशकों से जारी 'बुजुर्ग तंत्र' का किला ढह गया है। 5 मार्च 2026 को हुए चुनावों के परिणामों ने एक बड़े 'पीढ़ीगत बदलाव ' पर मुहर लगा दी है। अब तक घोषित 159 निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों में 59 सांसद यानी लगभग 38 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनकी उम्र 40 वर्ष से कम है।
यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नेपाल की औसत आयु मात्र 26 वर्ष है, लेकिन इसकी संसद हमेशा से अधिक उम्र के नेताओं के कब्जे में रही थी। इस युवा क्रांति का नेतृत्व राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) कर रही है। 59 युवा सांसदों में से अकेले 51 सांसद आरएसपी के टिकट पर जीतकर आए हैं। शेष 8 अन्य सभी दलों से हैं। संसद में पहुंचने वाले प्रमुख युवा चेहरों में खुद पीएम पद के दावेदार 35 वर्षीय बालेन शाह, 30 वर्षीया सोबिता गौतम और महज 25 वर्ष के प्रशांत उप्रेती शामिल हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और रोजगार जैसे मुद्दों पर नई नीतियां लाने में मददगार साबित होगा।
गौरतलब है कि चुनावों में जहां युवा आगे आए हैं, वहीं 71 वर्षीय पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल, स्वतंत्र उम्मीदवार महाबीर पुन और टेक बहादुर गुरुंग जैसे अनुभवी नेताओं ने भी अपनी सीटें बचाई हैं। इन सभी की उम्र करीब 71 वर्ष है।नेपाल संसद में युवाओं की धमक की बात करें तो 2017 में 40 साल से कम उम्र के सांसदों का प्रतिशत 13 था। वहीँ 2022 में 11 था। अब ये बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है।
नेपाल की हालिया चुनावी हलचल के बीच भारत और नेपाल के रिश्तों को लेकर एक अहम सअपडेट सामने आया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नेपाल के चुनाव में जीत दर्ज करने वाले नेताओं बालेन शाह और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने से फोन पर बातचीत की और उन्हें जीत की बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं को उनके राजनीतिक सफर के नए चरण के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के साथ मिलकर दोनों देशों की तरक्की, समृद्धि और लोगों की खुशहाली के लिए काम करता रहेगा। प्रधानमंत्री को भरोसा है कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।
Published on:
10 Mar 2026 05:08 am
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