9 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कंगाल पाकिस्तान में हफ्ते में सिर्फ 4 दिन खुलेंगे दफ्तर…स्कूलों पर ताला: आपातकाल के कारण सरकार को लेना पड़ा बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, 'पूरा क्षेत्र संघर्ष की चपेट में है और हम इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से पैदा हुए वैश्विक ईंधन संकट के कारण ये कठोर निर्णय जरूरी हो गए हैं।'

2 min read
Google source verification
shehbaz sharif

पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (ANI)

Pakistan Oil Crisis: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक तेल संकट से बुरी तरह प्रभावित पाकिस्तान में आपातकालीन उपाय अपनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया कि सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में सिर्फ 4 दिन खुलेंगे, जबकि 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (WFH) करेंगे। यह फैसला बैंकों पर लागू नहीं होगा। साथ ही स्कूलों में अतिरिक्त छुट्टियां देने का आदेश जारी किया गया है, जिससे शिक्षा संस्थान प्रभावी रूप से बंद रहेंगे या ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट हो सकते हैं।

तेल की कमी के बीच शहबाज शरीफ का इमरजेंसी ऐलान

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, 'पूरा क्षेत्र संघर्ष की चपेट में है और हम इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से पैदा हुए वैश्विक ईंधन संकट के कारण ये कठोर निर्णय जरूरी हो गए हैं।' उन्होंने ऊर्जा बचत पर जोर देते हुए कहा कि देश आतंकवाद और पश्चिमी सीमाओं (अफगानिस्तान बॉर्डर) पर सुरक्षा चुनौतियों का भी सामना कर रहा है, लेकिन सशस्त्र सेनाएं स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाल रही हैं।

ईरान जंग से पाकिस्तान में गहराया तेल संकट

पाकिस्तान में ईंधन संकट गहरा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से पेट्रोल-डीजल का आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश के पास पेट्रोल-डीजल का स्टॉक मात्र 26-28 दिनों का बचा है, क्रूड ऑयल 10 दिनों का और LPG 15 दिनों का। पेट्रोल पंपों पर पैनिक बाइंग शुरू हो गई है, कई स्टेशनों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कुछ ने बंदी घोषित कर दी है। सरकार ने पहले ही पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है और साप्ताहिक मूल्य संशोधन की व्यवस्था शुरू की है।

ईंधन संकट के चलते सरकारी कामकाज पर लगा ब्रेक

वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब की अध्यक्षता में विशेष समिति ने ईंधन बचत के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया, जिसमें WFH, ऑनलाइन क्लासेस, राइड-शेयरिंग और आवश्यक कर्मचारियों की ही ऑफिस उपस्थिति शामिल है। सरकार ने प्रांतीय मुख्यमंत्रियों से समन्वय कर होर्डिंग रोकने और निर्देशों के सख्त पालन का आदेश दिया है।

आर्थिक संकट से जूझ रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वैश्विक तेल कीमतें 100 डॉलर से ऊपर पहुंचने से आयात बिल बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संकट लंबा खिंचा तो अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा, महंगाई बढ़ेगी और आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी। शहबाज सरकार ने कहा कि ये उपाय अस्थायी हैं और स्थिति सामान्य होने पर वापस लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल ऊर्जा संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है।