
India Kazakhstan Relations: कजाकिस्तान में भारत के राजदूत वाई.के. सैलास थंगल ने कहा है कि भारत और कजाकिस्तान को सिर्फ बातचीत से आगे बढ़कर अपनी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ठोस सहयोग में बदलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सही मायने में कनेक्टिविटी ही दोनों देशों के संबंधों के अगले चरण की पहचान होनी चाहिए।
अस्ताना में महात्मा गांधी जयंती और अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के कार्यक्रम के दौरान ANI से बात करते हुए थंगल ने कहा कि दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष के समय गांधी का शांति और अहिंसा का संदेश विशेष रूप से प्रासंगिक है।
राजदूत की ये बातें ऐसे समय आई हैं, जब कजाकिस्तान 1 से 3 अक्टूबर तक अस्ताना में 'AI और डिजिटल ब्रिज 2026' की मेज़बानी कर रहा है। यह फोरम टेक कंपनियों, उद्यमियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं और सरकारों को एक मंच पर लाया है। इससे पहले इस साल भारत ने भी अपने AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।
थंगल ने कहा कि भारत के पास AI प्रतिभाओं का बड़ा पूल है, जबकि कजाकिस्तान रणनीतिक कनेक्टिविटी और बढ़ते AI इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ क्षेत्रीय टेक हब बनकर उभरा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग तथा संयुक्त अनुसंधान और इनोवेशन केंद्र का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि, भारत और कजाकिस्तान एक साथ आएं और AI प्रोजेक्ट्स का एक संयुक्त को-पायलट (शुरुआती प्रोजेक्ट) शुरू करें।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर थंगल ने भारत के अनुभव के साथ कजाकिस्तान के 'कैस्पी' पेमेंट प्लेटफॉर्म का जिक्र किया। उन्होंने कहा, कैस्पी एक ऐसा पेमेंट सिस्टम है जो हर जगह चलता है। उन्होंने इसकी तुलना भारत के UPI से की और कहा कि दोनों देश मिलकर ज्यादा मजबूत और सुरक्षित सिस्टम बना सकते हैं। उन्होनें कहा कि, चार आंखें दो आंखों की तुलना में चीजों को बेहतर ढंग से देख सकती हैं।
थंगल ने कहा कि राजनीतिक संबंध बेहतरीन हैं, लेकिन आर्थिक और व्यापारिक संबंध पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचे। अस्ताना में भारतीय दूतावास के मुताबिक 2024 में आपसी व्यापार लगभग 974.9 मिलियन डॉलर था, जबकि कजाकिस्तान की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ने 2025 में 923 मिलियन डॉलर बताया। उन्होंने इसे गंभीर विसंगति कहा और मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, ग्रीन एनर्जी, IT, फार्मा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग में अवसर गिनाए। राजदूत ने हाल ही में बिजनेस-टू-बिजनेस संबंध मजबूत करने की पहल भी की है।