भारतीय तटरक्षक बल की बड़ी कार्रवाई: तीन ईरानी तेल टैंकर जब्त। अमेरिका द्वारा आयात शुल्क घटाने के फैसले के बीच भारत ने अवैध समुद्री व्यापार पर कसी नकेल। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
Iranian Oil Tanker Seizure: भारत ने हाल ही में समुद्री सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान से संबंधित तीन तेल टैंकरों स्टेलर रूबी, एस्फाल्ट स्टार और अल जाफजिया को अपने कब्जे में ले लिया है। इन जहाजों पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे और ये अपनी पहचान बदलकर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। रोचक बात यह है कि भारत की यह सख्त कार्रवाई ठीक उसी समय हुई, जब अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% करने का बड़ा फैसला लिया।
खबरों के मुताबिक, 6 फरवरी को मुंबई के पास भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में इन जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों का पता चला था। भारतीय तटीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन्हें करीब 100 समुद्री मील दूर ही रोक लिया। हालांकि, शुरुआत में इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की गई थी, जिसे बाद में रणनीतिक कारणों से हटा दिया गया।
इस घटना के बाद से भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) हाई अलर्ट पर है। अवैध समुद्री व्यापार और 'शिप-टू-शिप' (जहाज से जहाज) तेल ट्रांसफर की कोशिशों को नाकाम करने के लिए करीब 55 युद्धपोतों और 12 टोही विमानों को तैनात किया गया है। अकसर प्रतिबंधित तेल के असली स्रोत को छिपाने के लिए समुद्र के बीचों-बीच माल की अदला-बदली की जाती है, जिसे रोकने के लिए भारत अब और अधिक सतर्क है।
एक ओर जहां ईरान की सरकारी मीडिया ने इन टैंकरों या उनके कार्गो से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बरकरार है। पिछले साल दिसंबर में ईरान द्वारा जब्त किए गए जहाज 'एमटी वैलेंट रोर' के 16 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 8 अब भी उनकी हिरासत में हैं। उन नाविकों के परिवार लंबे समय से उनकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं, जिससे यह पूरा मामला मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ गया है।