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अमेरिका की ‘पैक्स सिलिका’ पहल से जुड़ेगा भारत, राजदूत सर्जियो गोर बोले- ‘आपसे जरूरी कोई और पार्टनर नहीं’

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को 'पैक्स सिलिका' पहल का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने भारत को सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए AI और सेमीकंडक्टर की सुरक्षित सप्लाई चेन पर जोर दिया। जानें भारत के लिए इसके मायने।

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Jan 13, 2026
सर्जियो गोर, भारत में अमेरिका के राजदूत। (Photo/ ANI)

Pax Silica Initiative: अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाली रणनीतिक पहल पैक्स सिलिका में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। यह पहल क्रिटिकल मिनरल्स से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एआई तक की वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने से जुड़ी है।

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पैक्स सिलिका क्या है?

पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है। इसका उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा संसाधन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स को सुरक्षित सप्लाई चेन मुहैया करवाना है। भरोसेमंद साझेदार देशों के साथ मिलकर ऐसी निर्भरताओं को कम करना है जो दबाव या मजबूरी पैदा कर सकती हैं। यह एक पॉजिटिव पार्टनरशिप मानी जा रही है।

कौन-कौन से देश इसमें शामिल हैं?

पैक्स सिलिका की शुरुआत दिसंबर में हुई थी, लेकिन भारत इसके उद्घाटन शिखर सम्मेलन का हिस्सा नहीं था। पहले समिट में जिन देशों ने भाग लिया, उनमें शामिल हैं- जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड्स, ब्रिटेन, इजरायल, यूएई और ऑस्ट्रेलिया। इसके अलावा ताइवान, यूरोपीय संघ, कनाडा ने गेस्ट के रूप में योगदान दिया। ये सभी देश एआई और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाने वाली कंपनियों के केंद्र हैं।

भारत को पहले क्यों नहीं किया शामिल?

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि इस पहल के शुरुआत सदस्यों का चुनाव सेमीकंडक्टर और एआई सप्लाई चेन में उनकी मौजूदा भूमिका के आधार पर किया गया था, न कि किसी राजनीतिक समूह के रूप में। अमेरिका ने यह भी कहा था कि भारत से बातचीत जारी है और पैक्स सिलिका से अलग ढांचे में भी सहयोग पर चर्चा हो रही है।

अब अचानक क्या बदल गया?

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, जैसे-जैसे दुनिया नई तकनीक अपना रही है, यह जरूरी है कि भारत-अमेरिका इस पहल की शुरुआत से ही कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। भारत से ज्यादा जूरूरी कोई और साझेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों और वर्षों में मेरा लक्ष्य एक बेहद महत्वाकांक्षी एजेंडा को आगे बढ़ाना है। हम इसे सच्चे रणनीतिक साझेदारों की तरह करेंगे।

पैक्स सिलिका की जरूरत क्यों पड़ी?

यह एक नए आर्थिक सुरक्षा दृष्टिकोण का हिस्सा है। अमेरिका और उसके साझेदारों में यह सहमति है कि सुरक्षित सप्लाई चेन, भरोसेमंद तकनीक आर्थिक विकास के लिए जरूरी है। एआई को आने वाले समय में बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है। साझा सुरक्षा और आर्थिक हित अहम हो गए हैं। भारत को इसमें शामिल किए जाने की घोषणा सहयोग का नया अध्याय माना जा रहा है।

Published on:
13 Jan 2026 03:53 am
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