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Iran-US Conflict: ईरान-अमेरिका तनाव फिर गहराया, ईरान पर लगातार दूसरे दिन अमेरिकी हमला, युद्धविराम पर उठे सवाल

Middle East Conflict: अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हवाई हमले किए। CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में किकु तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के जवाब में की गई। सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्रीय युद्धविराम पर भी नए सवाल खड़े हो गए हैं।
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भारत

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Anurag Animesh

Jun 28, 2026

Strait of Hormuz news

Strait of Hormuz: होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव(फोटो-IANS)

Strait of Hormuz: अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर सैन्य हमले किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई एक कमर्शियल तेल टैंकर पर हुए कथित हमले के जवाब में की गई है। इन हमलों के बाद 17 जून को हुए क्षेत्रीय युद्धविराम समझौते पर भी संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि यह सैन्य कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई। CENTCOM के मुताबिक, ईरान की ओर से कमर्शियल जहाजों के खिलाफ जारी आक्रामक गतिविधियों के जवाब में अमेरिकी बलों ने यह हमला किया। बयान के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की सैन्य निगरानी प्रणाली, कम्युनिकेशन नेटवर्क, वायु रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया।

दक्षिणी ईरान में कई जगह धमाके


हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के तहरुई गांव के आसपास, जो सीरिक बंदरगाह के निकट स्थित है, विस्फोटों की खबरें सामने आईं। शुक्रवार को भी अमेरिका ने इसी क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की थी। ईरान के सरकारी मीडिया ने केश्म द्वीप पर भी हमले की सूचना दी है।

तेल टैंकर पर हमले का दावा


CENTCOM के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे (अमेरिकी पूर्वी समय) पनामा के झंडे वाला तेल टैंकर किकु (Kiku) होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। इसी दौरान उस पर एक अज्ञात प्रोजेक्टायल से हमला हुआ। अमेरिकी सेना का दावा है कि जहाज पर एकतरफा हमले वाले ड्रोन (One-way attack drone) से हमला किया गया था। टैंकर में 20 लाख से अधिक बैरल कच्चा तेल लदा था। हालांकि, इस घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य के घायल होने या तेल रिसाव की सूचना नहीं मिली है।

युद्धविराम पर बढ़ा संकट


लगातार दूसरे दिन हुई अमेरिकी कार्रवाई से 17 जून को हुए क्षेत्रीय युद्धविराम समझौते के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है। आपको बता दें कि एक दिन पहले भी दोनों देशों ने एक-दूसरे पर अटैक किये थे। जिसके बाद माहौल में तनाव पैदा हो गया था।