विदेश

अमेरिका के 100% टैरिफ वाले बिल को लेकर विदेश मंत्रालय का आया बयान, कहा- इससे हमारे संबंधों पर पड़ सकता है असर

Lindsey Graham Act 2026: रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी बिल पर भारत ने चिंता जताई है। MEA ने कहा कि इसका असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत-अमेरिका संबंधों पर पड़ सकता है।
2 min read
Sep 18, 2026
India US Tariff
India US Tariff: (फोटो सोर्स: ANI)

अमेरिकी संसद के निचले सदन ने रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए लिंडसे ओ. ग्राहम बिल पास किया था। इस बिल से भारत जैसे देश जो रूस और ईराने से तेल-गैस खरीदते हैं उन पर 100 फीसदी तक टैरिफ लग सकता है। इस बिल के विरोध में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) का बयान सामने आया है। भारत ने कहा है कि इस कानून का असर उसकी ऊर्जा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और भारत-अमेरिका संबंधों पर पड़ सकता है।

भारत ने अमेरिका को पहले ही चेता दिया था

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पहले ही अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने इस कानून से होने वाले संभावित असर की बात रख चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और दोनों देशों के संबंधों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपनी चिंता साफ तौर पर बताई है।

क्या है अमेरिका का नया बिल?

'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' इस बिल को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पक्ष में 262 वोट और विपक्ष में 159 वोट से पास किया। अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। बिल का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। बिल में अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है, जो रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखते हैं। भारत उन देशों में शामिल हैं जिन पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, यह बिल राष्ट्रपति को अधिकार देता है, न कि सीधे टैरिफ लागू करता है।

भारत के लिए चिंता की बात क्यों?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऐसे में भारत अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में रूस से तेल खरीदता है। साल 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत में बड़े पैमाने पर सस्ता कच्चा तेल खरीदा है। ऐसे में भारत यदि रूस से तेल नहीं खरीदता है तो उसके सामने अपनी बड़ी आबादी के लिए किफायती दरों पर तेल खरीदना मुश्किल है। दूसरी तरफ रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अमेरिका को सबसे ज्यादा सामान एक्सपोर्ट करता है। अप्रैल-अगस्त के दौरान सामान का एक्सपोर्ट बढ़कर 42.79 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 40.39 अरब डॉलर था। ऐसे में अगर यह बिल पास होता है तो भारत के एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त टैरिफ की मार पड़ती है।

Updated on:
18 Sept 2026 06:12 pm
Published on:
18 Sept 2026 05:39 pm