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Donald Trump के राष्ट्रपति बनने से भारतीय उद्योगों पर मंडराया खतरा! इन सेक्टर्स को हो सकता है नुकसान

Donald Trump on India: अमेरिकी चुनाव के वोटिंग होने से कुछ दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर ज्यादा टैरिफ वसूलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वो चुनाव जीते तो इससे भी निपटा जाएगा।

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Donald Trump on India: डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीत चुके हैं। दुनिया भर के देशों में उनके जीतने पर काफी खुशी मनाई जा रही है। भारत में भी ट्रंप की जीत को सेलिब्रेट किया जा रहा है। लेकिन भारत के लिए ट्रंप की जीत एक बुरी खबर भी लेकर आई है। दरअसल कई रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति (US Presidential Elections 2024) बनने से भारत के उद्योगों पर बुरा असर पड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स में ऐसा दावा क्यों किया जा रहा है, कौन से औद्योगिक क्षेत्रों (Indian Industries) के नुकसान उठाने की बात की जा रही है, इसे थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं।

ट्रंप ने कही थी भारत से निपटने की बात 

दरअसल अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग से कुछ दिन पहले अमेरिका ने भारत को लेकर एक टिप्पणी की थीं। जिसमें उन्होंने भारत पर अमेरिका से सबसे ज्यादा टैरिफ वसूलने की बात कही थी। ट्रंप ने कहा था अगर वो राष्ट्रपति चुनाव जीत गए तो इससे भी निपटा जाएगा। उन्होंने कहा था कि चीन (China) और ब्राजील भी विदेशी वस्तुओं पर सबसे ज्यादा टैक्स लगाते हैं लेकिन भारत तो उनसे भी ऊपर है, वो सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है। इसके बाद उन्होंने कहा था कि जब वो चुनाव जीतकर सत्ता में आएंगे तो जैसे को तैसा टैक्स सिस्टम में लेकर आएंगे। यानी जो देश जितना ज्यादा टैरिफ लगाएगा उससे अमेरिका भी उतना ही टैक्स वसूलेगा।

किन सेक्टर्स में आ सकती है मुश्किल

ट्रंप के इस बयान के बाद अब जानकार ये अटकलें लगा रहे हैं ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड वॉर शुरू हो सकता है। भारत अमेरिका से ज्यादा शुल्क ले रहा है, तो अमेरिका भी भारत पर टैरिफ लगाएगा, जो भारत और भारतीय उद्योगों के घाटे का सौदा साबित हो सकता है। बता दें कि भारत अमेरिका से (Indian Import From USA) पेट्रोलियम, कच्चा तेल, मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, कोक और ब्रिकेट, पेट्रोलियम उत्पाद, सोना, तरल प्राकृतिक गैस, अपशिष्ट, बादाम मंगाता है।

वहीं भारत (Indian Export to USA) अमेरिका को हीरा, दवा उत्पाद, पेट्रोलियम, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, केमिकल प्रोडक्ट्स, मशीनरी, अगरक, भिंडी, मोती, बहुमूल्य पत्थर, सोना यानी Gold शामिल है। ऐसे में अगर ट्रंप सत्ता में आने के बाद भारत पर जैसे को तैसा टैरिफ वाले सिस्टम पर काम करते हैं तो भारत के गाड़ी, कपड़ा, दवा उद्योग, सब्जी उद्योग, शराब, मैकेनिकल इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लग सकता है।

इन वस्तुओं पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है भारत 

भारत अपने घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देने और राजस्व बढ़ाने के लिए अमेरिका से आयात किए जा रहीं कई वस्तुओं पर टैरिफ वसूलता है। जैसे- ऑटोमोबाइल और गाड़ियों पर भारत 60 से लेकर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगाता है। इसके अलावा दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स पर ये टैरिफ 30 से 40 प्रतिशत है। बादाम और सूखे मेवे पर भारत 35 प्रतिशत का टैरिफ लगाता है। केमिकल्स पर और औषधि उत्पाद पर भी भारत अमेरिका से ज्यादा टैरिफ लगाता है। इसके अलावा कपड़े और टेक्सटाइल, किसान उत्पाद, फलों पर भारत अमेरिका से ज्यादा टैरिफ लेता है। कई बार अमेरिका की तरफ से भारत को इन वस्तुओं पर टैरिफ कम करने की मांग भी की गई है। इसे लेकर कई बार दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव भी देखा गया है। और इन मुद्दों को सुलझाने के लिए वार्ता होती रहती है।

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