
Israel-Iran War: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। इसको लेकर भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हवाई हमले किए जा रहे है। ईरान में रह रहे सैकड़ों भारतीय मेडिकल छात्र अपनी जान बचाने के लिए बेसमेंट में छिपे हुए हैं। इसी बीच भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से उन्हें निकालने की गुहार लगाई है। मेडिकल छात्रों का कहना है कि वे अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
तेहरान के शहीद बेहेश्ती विश्वविद्यालय में पढ़ रहे 22 वर्षीय इम्तिसाल मोहिदीन ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया, "शुक्रवार की सुबह 2:30 बजे तेज धमाकों की आवाज से मैं जाग गया। मैं घबराकर बेसमेंट में भागा। तब से हमारी नींद उड़ गई है।" उनके विश्वविद्यालय में ही 350 से अधिक भारतीय छात्र हैं, जो बमबारी के डर से अपने अपार्टमेंट के बेसमेंट में छिपे हुए हैं।
छात्र इम्तिसाल मोहिदीन ने कहा कि हम अपने अपार्टमेंट के बेसमेंट में फंस गए हैं। हम हर रात धमाके सुनते हैं। हम तीन दिनों से सोए नहीं हैं।एक धमाका सिर्फ़ 5 किलोमीटर दूर हुआ था। " वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा से हैं।
श्रीनगर के फैज़ान नबी ने कहा, "मेरे माता-पिता मुझे हर दिन 10 बार कॉल करते हैं। इंटरनेट इतना धीमा है कि एक व्हाट्सएप मैसेज भी नहीं भेज पा रहा। हम डॉक्टर बनने आए थे, अब बस ज़िंदा रहने की कोशिश कर रहे हैं।
फैजान ने आगे कहा कि आज हमने अपने शहर में गोलियों की आवाज सुनी। तेहरान में मेरे दोस्त डरे हुए हैं। हमें 3-4 दिनों के लिए पीने का पानी स्टोर करने की सलाह दी गई है। यह इतना बुरा है।
छात्र मिदहत ने हमलों की पहली रात को "सबसे भयावह" बताया। मिदहत ने कहा कि धमाके ज्यादा दूर नहीं थे, कुछ किलोमीटर दूर ही धमाके हो रहे थे। हर कोई घबराया हुआ था। मेरे परिजन मेरा हालचाल पूछते रहते हैं। हम लगातार खबरों पर नजर रख रहे है। बता दें कि मिदहत जम्मू कश्मीर के सोपोर के रहने वाले है। वह तेहरान में ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस में एमबीबीएस के चौथे वर्ष का छात्र है।