
Anak Krakatau Volcano: इंडोनेशियाई अधिकारियों ने पांच पत्रकारों समेत आठ लोगों की खोज बंद कर दी है, जो सक्रिय अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी के पास लापता हो गए थे। बचाव दल को उनकी नाव या यात्रियों का कोई सुराग नहीं मिला। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सुंडा जलडमरूमध्य (Sunda Strait) में पांच पत्रकारों और तीन क्रू सदस्यों को ले जा रही स्पीडबोट का संपर्क 7 सितंबर को टूट गया था। बैंटेन सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के प्रमुख अल अमराद ने कहा कि खोज टीमों को नाव या उस पर सवार लोगों का कोई निशान नहीं मिला।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमराद ने कहा कि सात दिनों की खोज के बाद भी कोई नतीजा न निकलने पर नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के नियमों के तहत ऑपरेशन बंद कर दिया गया। उन्होंने वॉटर पुलिस और नौसेना की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, सातवें दिन भी हमें कोई निशान या कोई वस्तु नहीं मिली।
पुलिस एंगानो द्वीप पर मिले एक शव की जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं, हालांकि डीएनए टेस्ट के नतीजे अभी जारी नहीं किए गए हैं। अमराद ने कहा कि अगर लापता नाव से जुड़ी कोई नई जानकारी या मलबा मिलता है तो खोज फिर से शुरू की जा सकती है। अधिकारियों ने सुंडा जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क कर दिया है और मछुआरों व स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास कोई जानकारी हो तो वे पुलिस या सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसियों से संपर्क करें।
अनाक क्राकाताउ सितंबर की शुरुआत से ही रुक-रुक कर सक्रिय रहा है, जिससे पश्चिमी इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में उड़ानों और हवाई अड्डे के कामकाज पर असर पड़ा है। ज्वालामुखी का फटना 4 सितंबर को स्थानीय समयानुसार रात 11:07 बजे शुरू हुआ और 5 सितंबर को आधी रात से सुबह 6 बजे के बीच लावा की फुहारें देखी गईं। ज्वालामुखी 'लेवल III' या 'अलर्ट' की स्थिति में था और अधिकारियों ने इसके सक्रिय क्रेटर के आसपास तीन किलोमीटर का 'एक्सक्लूजन जोन' घोषित किया था।
इंडोनेशिया की जियोलॉजिकल एजेंसी ने कहा कि 2018 में फटने के बाद ज्वालामुखी का जो ढांचा दोबारा बना था, वह अभी भी काफी छोटा है और फिलहाल इसके इतने बड़े पैमाने पर ढहने की आशंका नहीं है जिससे सुनामी आ सके। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी (BNPB) ने एक बयान में कहा, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें सतर्क रहना चाहिए।