दुनियाभर के वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पृथ्वी को 16 मिलियन किलोमीटर की दूरी से लेजर-बीम मैसेज मिला है।
नासा ने करीब एक करोड़ मील की दूरी से एक लेजर लाइट मैसेज को इंटरसेप्ट किया है। एक करोड़ मील से मिला मैसेज डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस टूल से संभव हुआ, जो नासा के साइकी अंतरिक्ष यान के साथ यात्रा कर रहा था। नासा के अनुसार लेजर बीम की यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से 40 गुना ज्यादा है। सरल भाषा में समझें तो नासा ने एक करोड़ मील की दूरी पर साइकी मिशन भेजा था और उसने वहां जाकर लेजर लाइट बीम मैसेज धरती पर भेजा। यह डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस (DSOC) टूल के जरिए संभव हो पाया है।
ऐसे होगा मददगार
वैज्ञानिकों का कहना है कि ये लेजर बीम का यह टेक्नोलॉजिकल डेमो एक दिन नासा मिशनों को अंतरिक्ष में गहराई से जांच करने और ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में दूसरी दुनिया की तलाश करने में मदद कर सकता है। नासा ने कहा कि यह प्रणाली मौजूदा अंतरिक्ष संचार उपकरणों की तुलना में 10 से 100 गुना तेजी से सूचना प्रसारित करने में सक्षम है।
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