
Iran US attack ultimatum: मध्य पूर्व में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका ने अपने नागरिकों चेतावनी दी है। अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों से कहा कि हालात बिगड़े तो वे इलाका छोड़ने के लिए तैयार रहें। ट्र्ंप प्रशासन ने सुरक्षा एडवाइजरी अम्मान, यरुशलम और बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर जारी की है।
अमेरिकी दूतावासों की तरफ से जारी अलर्ट में साफ कहा गया है कि लोग अपनी फ्लाइट की डिटेल बार-बार चेक करते रहें और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें। एडवाइजरी में यह भी लिखा है कि आसमानी रास्ते बंद हो सकते हैं और सफर में रुकावट आ सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
कैंप डेविड में अपनी कैबिनेट के साथ बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उनका मकसद सिर्फ जीत हासिल करना है। उन्होंने साफ इशारा दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी लंबे समय तक चल सकती है और वाशिंगटन ईरान पर बहुत सख्ती से हमला करेगा।
ताजा हमले को लेकर भी ईरान और अमेरिका के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सेंट्रल कमाडं के मुखिया अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिका तेजी से तनाव बढ़ा रहा है। उन्होंने सख्त लहजे में अपने पड़ोसियों को चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका का ढाल बनकर काम करेगा, वह जंग की आग में जल जाएगा।
कुवैत की सेना ने भी शनिवार को ड्रोन हमलों का दावा किया, जिसमें उसके मुताबिक ईरान का हाथ है। कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इन हमलों में देश के उत्तरी हिस्से की एक सरकारी इमारत समेत कई अहम ठिकाने प्रभावित हुए, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इसी बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदब जलमार्ग पर नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है, जो सऊदी अरब के लिए बेहद जरूरी रास्ता है। हूतियों ने हाल ही में सऊदी अरब के आठ जहाजों को मजबूरन अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया, जिसके बाद वे जहाज अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते घूमकर निकले।
शनिवार को ओमान के लीमा इलाके के पास 11 नॉटिकल मील दूर एक टैंकर पर हमला हुआ। इससे इंजन रूम खराब हो गया और जहाज चलाने की हालत में नहीं रहा। गनीमत रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई। इस हमले के कुछ ही देर बाद
खासब इलाके से 21 नॉटिकल मील दूर दूसरे टैंकर के कैप्टन ने भी एक तेज धमाका हुआ।