
ईरान के खातम अल-अंबिया के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही (फोटो- X@TheCradle)
US-Iran conflict: पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अपने पड़ोसी और क्षेत्र के अन्य अरब देशों को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' के प्रमुख कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिका पूरे क्षेत्र को एक व्यापक और विनाशकारी युद्ध की ओर धकेल रहा है। ईरानी राष्ट्रीय प्रसारक (IRIB) द्वारा जारी बयान में, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने पड़ोसी मुस्लिम देशों से आग्रह किया कि वे अमेरिका के साथ अपने सैन्य और रणनीतिक गठबंधनों पर तुरंत पुनर्विचार करें।
ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर ने आरोप लगाया कि अमेरिकी सैन्य क्षमताएं कमजोर हो गई हैं और अमेरिका अब अपनी थकी हुई सैन्य ताकतों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र के अमीर देशों की संपत्ति, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक संसाधनों का उपयोग कर रहा है।
मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने कहा कि क्षेत्र के इस्लामी देशों को यह समझना चाहिए कि अमेरिका उनके फंड, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रणनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल अपनी थकी हुई सेना के लिए 'ढाल' के रूप में कर रहा है। साथ ही, वह क्षेत्र में इजराइल की युद्ध और सुरक्षा मशीनरी को लगातार मजबूत कर रहा है।
ईरानी कमांडर अब्दुल्लाही ने अमेरिका की विदेश नीति और सैन्य रणनीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका अपना दबदबा कायम करने के लिए पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में हुए संघर्षों से यह साबित हो गया है कि अमेरिका अपने मकसद को पूरा करने के लिए मुस्लिम देशों के हितों और संसाधनों को नुकसान पहुंचाने से भी पीछे नहीं हटता।
अब्दुल्लाही ने दावा किया कि अमेरिकी सेना और इजराइल डिफेंस फोर्सेस अब इस्लामी देशों की सीमाओं और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के बहाने हमले कर रही हैं, जिससे क्षेत्रीय सरकारों को युद्ध की भारी आर्थिक और सामाजिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि मध्य पूर्व में ताकत का संतुलन अब पुराने नियमों या अमेरिकी दबाव से तय नहीं होता है। ईरान और उसकी सहयोगी सेनाओं ने अमेरिका की आक्रामक नीतियों को नाकाम कर दिया है।
क्षेत्रीय देशों को चेतावनी देते हुए ईरानी कमांडर ने कहा कि इस्लामी देशों को दूरदर्शिता दिखानी चाहिए, अमेरिका के अपराधों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और उसके साथ अपने सहयोग और रिश्तों पर गंभीरता से फिर से विचार करना चाहिए। वरना, जो भी देश अपराधी और आक्रामक अमेरिका के लिए सुरक्षा कवच बनने की कोशिश करेगा, वह युद्ध की विनाशकारी आग में पूरी तरह जलकर राख हो जाएगा।
Updated on:
01 Aug 2026 03:42 pm
Published on:
01 Aug 2026 03:31 pm
