
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच एक बार फिर हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद ईरान ने बहरीन (Bahrain), जॉर्डन (Jordan) और कुवैत (Kuwait) पर हमले किए। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने धमकी दी कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान में अलग-अलग जगहों पर हमले किए। अमेरिकी हमले के बाद आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लगातार दूसरे दिन बहरीन और कुवैत पर एयरस्ट्राइक्स की है।
अमेरिकी हमले के जवाब में आईआरजीसी ने अमेरिका के 18 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। आईआरजीसी ने जानकारी दी कि कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस और अहमद अल जाबेर एयरबेस के साथ ही बहरीन का शेख ईसा एयरबेस इन सैन्य ठिकानों में शामिल हैं। आईआरजीसी ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल करते हुए इन ठिकानों पर हमले किए। ईरानी मीडिया के अनुसार इन हमलों में अमेरिकी कमांड सेंटर्स, फाइटर जेट्स हैंगर, ड्रोन बेस और सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। आईआरजीसी के मुख्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी (Ebrahim Zolfaghari) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी आक्रामकता जारी रही, तो आईआरजीसी कड़े जवाबी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
आईआरजीसी ने बहरीन में एक बार फिर अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर हमला कर दिया है। इससे पहले भी आईआरजीसी कई मौकों पर इस सैन्य ठिकाने को निशाना बना चुकी है।
ईरानी हमले के बीच बहरीन में एक बार फिर सायरन बज गए हैं। देश के आंतरिक मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और सबसे नज़दीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जब तक बहुत ज़रूरी न हो, मुख्य सड़कों पर न निकले जिससे किसी भी तरह की कोई रुकावट न हो। सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाद में और निर्देश दिए जाएंगे।