इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला किया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' के तहत किए गए इन हमलों में ईरान के रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और शीर्ष सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं।
Israel-Iran War: अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिन्हें 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' या इसी तरह के नाम से जाना जा रहा है। इन हमलों का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलों और सैन्य क्षमता को नष्ट करना बताया गया है। इजरायल ने दावा किया कि हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति और अन्य शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया। तेहरान में खामेनेई के कंपाउंड के आसपास धुआं उठता दिखा, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एनबीसी न्यूज को बताया कि खामेनेई जितना मुझे पता है, जिंदा हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, तीन सूत्रों ने पुष्टि की कि ईरान के रक्षामंत्री अमीर नासिरज़ादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) कमांडर मोहम्मद पाकपुर इजरायली हमलों में मारे गए। यह ईरान की सैन्य कमान पर बड़ा झटका है। हमले सुबह शुरू हुए, जिसमें तेहरान के मध्य इलाकों में विस्फोट हुए और धुआं उठता दिखा।
ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और इजरायल के अलावा खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूएई, बहरीन, कतर में विस्फोट रिपोर्ट हुए। ईरान ने इसे "अनुचित आक्रमण" करार दिया और "क्रशिंग रिस्पॉन्स" की चेतावनी दी।
ईरानी हमलों के बाद दुबई एयरपोर्ट (दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हब) ने सभी उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दीं। दुबई मीडिया ऑफिस ने यात्रियों को एयरपोर्ट न आने की सलाह दी। एमिरेट्स और फ्लाईदुबई ने ऑपरेशंस सस्पेंड कर दिए। क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने से उड़ानें प्रभावित हुईं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने गहरी चिंता जताई। बयान में कहा, 'ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं। बातचीत और कूटनीति से तनाव कम किया जाना चाहिए। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो।'
भारतीय मिशन क्षेत्र में नागरिकों से सतर्क रहने, संपर्क में रहने और स्थानीय गाइडलाइंस फॉलो करने की सलाह दे रहे हैं। यह संघर्ष जून 2025 के हमलों के बाद दूसरी बड़ी भिड़ंत है। ट्रंप ने ईरानियों से सरकार पर कब्जा करने की अपील की, जबकि क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया है। स्थिति तेजी से बदल रही है।