
US-Iran Relation: अमेरिका से रविवार को मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर कई ड्रोन दागे। हालाकि इस अमेरिकी सेना तत्काल प्रभावी कार्रवाई की, क्योंकि वे कमर्शियल या US मिलिट्री जहाजों और लोगों के लिए खतरा थे। यह दावा इजरायली की 'द जेरूसलम पोस्ट' की ओर से किया गया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए NBC को बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ड्रोन लॉन्च किए थे। अमेरिकी सेना मिलिट्री होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सपोर्ट करने के लिए शिपिंग कंपनियों के साथ कोऑर्डिनेट कर रही है।
ईरान समझौते के बीच अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों के असेसमेंट से बुधवार को पता चला कि युद्ध के बाद तेहरान ने अपनी मर्जी से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की काबिलियत हासिल कर ली है। यह जानकारी CNN सूत्रों ने दी है।
असेसमेंट से पता चला कि शुक्रवार को साइन होने वाले फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के बावजूद अहम वॉटरवे का इस्तेमाल करके इकॉनमी को नुकसान पहुंचाने की ईरान की काबिलियत फिर से सामने आ सकती है। इस असेसमेंट से जुड़े सूत्रों ने CNN को बताया कि ईरान अब अमेरिका की कमजोरी बन गया है, क्योंकि उसने खाड़ी देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का फायदा उठाना सीख लिया है। ईरान ने पड़ोसी देशों में US के बेस पर हमला किया था, ये बेस अमेरिका द्वारा सुरक्षा की गारंटी देने वाले थे।
टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, अमेरिका से डील होने के बाद ईरान का तीसरा तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को पार कर गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी का टैंकर सोनिया-1 करीब 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर निकला। इससे पहले ईरान के दो टैंकर डायोना और हीरो-2 ने अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को पार किया था। इन दोनों जहाजों में कुल 38 लाख बैरल ईरान कच्चा तेल था।
एक अन्य रिपोर्ट के बाद डील होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मंगलवार को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से 14 जहाज गुजरे हैं, जो कि इस महीने का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है।