विदेश

बीच युद्ध में फ्रांस के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर पाया ईरान, विदेश मंत्री दुखी होकर बोले- ऐसी उम्मीद नहीं थी

अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी 2026 से ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर सहित कई अधिकारी मारे गए। इस युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आलोचना की, कहा कि उन्होंने अमेरिका-इजराइल के हमलों की निंदा नहीं की और चुप्पी साधी।
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Mar 19, 2026
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ईरानी नेता मोजतबा खामेनेई। (फोटो- ANI)

अमेरिका-इजराइल ने एकसाथ मिलकर ईरान पर हमला बोला है। इस बीच, ईरान का फ्रांस के स्टैंड को लेकर बी भयानक दर्द महसूस हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री ने फ्रांस से दुखी होकर यह तक कह दिया है कि उन्हें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से ऐसी उम्मीद नहीं थी।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की खुले तौर पर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल के साथ युद्ध में फ्रांस ने ईरान का साथ नहीं दिया। जो दुख की बात है।

क्यों ईरानी नेता का छलका दर्द?

अराघची ने एक्स पोस्ट में लिखा- मैक्रों ने ईरान पर इजराइल-अमेरिका के युद्ध की निंदा में एक शब्द भी नहीं कहा है। उन्होंने इजराइल की तब भी निंदा नहीं की, जब उसने तेहरान में ईंधन भंडारण को उड़ा दिया, जिससे लाखों लोग जहरीले पदार्थों के संपर्क में आ गए।

उन्होंने आगे कहा- फ्रांस की 'चिंता' इजराइल के हमारी गैस सुविधाओं पर हमले के बाद सामने नहीं आई। यह हमारे जवाबी हमले के बाद सामने आई है। दुख की बात है।

क्या बोले मैक्रों?

मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हमलों को लेकर बातचीत की थी।

मैक्रों ने एक्स पोस्ट में लिखा- मैंने अभी-अभी कतर के अमीर और राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है, यह बातचीत आज ईरान और कतर में गैस उत्पादन सुविधाओं पर हुए हमलों के बाद हुई है।

उन्होंने आगे लिखा- हमें बिना किसी देरी के आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और जल आपूर्ति सुविधाओं को निशाना बनाने वाले हमलों पर रोक लागू करना चाहिए। नागरिक आबादी और उनकी आवश्यक जरूरतों, साथ ही ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को सैन्य तनाव बढ़ने से बचाया जाना चाहिए।

बता दें कि अमेरिका-इजराइल और तेहरान दोनों द्वारा किए गए हमलों के पैमाने में भारी विस्तार देखने को मिला है। इससे पहले, इजराइली रक्षा बलों ने कहा कि उसकी वायु सेना ने बुधवार को सननदज हवाई अड्डे पर ईरान के एक Mi-17 हेलीकॉप्टर को तबाह कर दिया।

ईरान को बड़ा झटका

इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमताओं को गहरा झटका लगा है। इजराइली सेना ने यह भी कहा कि वह पश्चिमी ईरान में अपनी हवाई श्रेष्ठता का विस्तार जारी रखे हुए है।

इजराइल ने कहा कि यह हमला सटीक और वास्तविक समय की खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था। बुधवार रात को इजराइल ने ईरान के 'साउथ पार्स गैस फील्ड पर भी हमला किया।

इजराइल-अमेरिका का गजब तालमेल

वहीं, इजराइली अधिकारियों का हवाला देते हुए एक न्यूज एजेंसी ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस हमले को लेकर आपस में तालमेल बिठाया था; जिसका उद्देश्य ईरान को 'होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते तेल की आपूर्ति में बाधा डालने से रोकना था।

न्यूज एजेंसी ने आगे बताया कि बुधवार रात को ईरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण सुविधा पर इज़राइली वायु सेना द्वारा किए गए हमले, व्हाइट हाउस के साथ समन्वय और उसकी मंजूरी के बाद ही किए गए थे।

Updated on:
19 Mar 2026 05:17 pm
Published on:
19 Mar 2026 05:17 pm