ईरान-यूक्रेन विवाद: ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जेलेंस्की को पश्चिमी देशों और अमेरिका का "जोकर" करार दिया है।
Iran Slams Volodymyr Zelenskyy: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर तीखा हमला बोला है। दावोस विश्व आर्थिक मंच (WEF) में जेलेंस्की की अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से बेदखल करने की अपील पर अराघची ने उन्हें भ्रम फैलाने वाला जोकर करार दिया। अराघची ने 23 जनवरी 2026 को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि दुनिया अब ऐसे भ्रम फैलाने वाले जोकरों की बातों से तंग आ चुकी है। उन्होंने जेलेंस्की पर अमेरिकी और यूरोपीय टैक्सपेयर्स का पैसा लूटकर भ्रष्ट जनरलों की जेब भरने का आरोप लगाया और कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हुए ईरान पर अवैध अमेरिकी हमले की मांग कर रहे हैं।
जेलेंस्की ने दावोस में ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे तानाशाहों को गलत संदेश मिलेगा। उन्होंने खामेनेई को सत्ता से हटाने की अपील की थी। अराघची ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पोस्ट किया, 'जेलेंस्की अपने भ्रष्ट जनरलों की जेबें भरने और जिसे वह UN चार्टर का उल्लंघन करने वाला गैर-कानूनी हमला कहता है, उसका सामना करने के लिए अमेरिकी और यूरोपीय टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद कर रहा है। साथ ही, वह खुलेआम और बिना किसी शर्म के ईरान के खिलाफ अमेरिका से गैर-कानूनी हमले की मांग कर रहा है।
अराघची ने आगे कहा, मिस्टर ज़ेलेंस्की, दुनिया में कन्फ्यूज्ड जोकरों की कमी नहीं है। आपकी विदेशी मदद वाली और भाड़े के सैनिकों से भरी सेना के उलट, हम ईरानी जानते हैं कि अपनी रक्षा कैसे करनी है और हमें मदद के लिए विदेशियों के सामने भीख मांगने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा खुद के सैनिकों से करता है, न कि विदेशी मदद या भाड़े की सेनाओं से।
यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में आया है, जहां ईरान रूस का सहयोगी माना जाता है और ड्रोन सप्लाई का आरोप है। जेलेंस्की की अपील ईरान की आंतरिक नीतियों और प्रदर्शनों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने का प्रयास थी, लेकिन तेहरान ने इसे संप्रभुता पर हमला बताया। अराघची के बयान से ईरान-अमेरिका और ईरान-यूक्रेन संबंधों में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका के जहाज ईरान की ओर बढ़ने की खबरों के बीच यह बयान और गंभीर हो गया है।