ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही सोमवार को दुबई, अबू धाबी और दोहा समेत खाड़ी के कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। यह घटना ईरान के शीर्ष अधिकारी के उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा।
Iran Fresh Attacks Gulf Nations: ईरान ने खाड़ी देशों पर नए हमले शुरू किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। 2 मार्च 2026 को दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे खाड़ी शहरों में विस्फोटों की रिपोर्ट आई। ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए बड़े हमलों के जवाब में हो रहे हैं, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। ईरान ने इन हमलों को आत्मरक्षा बताते हुए जवाबी कार्रवाई की है, जिसमें मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली लक्ष्यों पर ताजा हमले किए हैं। ध्यान रहे कि खाड़ी देशों में कुवैत, बहरीन, कतर और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कुवैत के ऊपर मिसाइल और यूएवी (ड्रोन) हमलों की लगातार धमकी दी है। अबू धाबी में विस्फोटों के बाद धुआं उठता हुआ देखा गया, जबकि दुबई और दोहा में भी बड़े धमाके सुनाई दिए। कतर एयरवेज ने कतर के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दीं, जबकि अकासा एयर ने अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद के लिए 3 मार्च की सभी उड़ानें रद्द कर दीं।
अमेरिकी दूतावासों ने गंभीर अलर्ट जारी किए हैं। कुवैत में अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को घर में रहकर सुरक्षित रहने (शैल्टर इन प्लेस) की सलाह दी है। अलर्ट में कहा गया है, 'कुवैत के ऊपर मिसाइल और यूएवी हमलों का लगातार खतरा है। इसलिए दूतावास न आएं। घर में सबसे निचली मंजिल पर खिड़कियों से दूर रहें। बाहर न निकलें। अमेरिकी नागरिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करें और सतर्क रहें।' दूतावास के कर्मचारी भी शैल्टर में हैं। यह अलर्ट डेथ वारंट जैसा डरावना नहीं है, बल्कि जानलेवा हमलों से बचाव के लिए सुरक्षा निर्देश है, लेकिन क्षेत्र में खतरे की गंभीरता दर्शाता है।
ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी। ईरान ने कहा है कि हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह हार नहीं मानता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमले जारी रहेंगे और जरूरत पड़ने पर और कार्रवाई होगी। क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की मौत की भी खबरें हैं, जिसमें कम से कम तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।