विदेश

US-Iran 2nd round Talks: ईरान ने वार्ता से पहले अमेरिका के सामने रखी शर्त, कहा-पहले नाकेबंदी हटाओ

Middle East Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म नहीं होने का नाम ले रहा है। पढ़ें, दूसरे दौर की वार्ता को लेकर अमेरिका की धमकी और ईरान की नई शर्त को लेकर पूरी रिपोर्ट।

2 min read
Apr 19, 2026
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (फोटो: IANS)

US-Iran: मध्य-पूर्व और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान इस बातचीत के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। यदि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट पर गौर करें तो ईरान ने अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत के लिए नई शर्त रख दी है।

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 'जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी है, तब तक ईरान ने पाकिस्तान में बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधिमंडल भेजने का कोई फैसला नहीं किया है।'

ये भी पढ़ें

US-Iran 2nd round Talks: अमेरिका-ईरान में होगी वार्ता, डोनाल्ड ट्रंप बोले-सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेगी अमेरिकी टीम

धमकी के साथ ट्रंप ने दी एक और डील

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए बताया था अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को ईरान से दूसरे दौर की वार्ता के लिए पहुंच जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने डील पर सहमति नहीं बनने की सूरत में ईरान को बर्बाद कर देने की धमकी दी।

उन्होंने कहा, 'हम एक बहुत ही सही और वाजिब डील दे रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वे इसे मानेंगे क्योंकि अगर वे नहीं मानते हैं, तो अमेरिका ईरान में हर एक पावर प्लांट और हर एक ब्रिज को उड़ा देगा। अगर वे डील नहीं लेते हैं, तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी, क्योंकि मैं वह करूंगा जो पिछले 47 साल से अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति ईरान के साथ नहीं कर पाए।'

ट्रुथ सोशल पर पोस्ट के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं जाएंगे। उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉप और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंचेंगे।

अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप

ईरान के बंदरगाहों या समुद्री तट पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को लेकर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह कदम न केवल पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम का उल्लंघन है, बल्कि इसे अवैध और आपराधिक भी माना जा सकता है।

ये भी पढ़ें

भारतीय तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, 22 अप्रैल को पहुंचेगा मुंबई
Updated on:
19 Apr 2026 10:10 pm
Published on:
19 Apr 2026 10:08 pm
Also Read
View All