ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच हिंसा को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। रिपोर्टों में 12,000 तक मौतों का दावा किया जा रहा है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र, यूरोप और अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने गहरी चिंता जताई है।
Iran Death Toll Reports: लगातार पांचवें दिन ईरान में इंटरनेट के पूर्ण 'ब्लैकआउट' के बीच यहां प्रदर्शकारियों के दमन की रिपोर्टों ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। खुफिया सूचनाओं और आंतरिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में मौतों का आंकड़ा 2,000 से लेकर 12,000 तक पहुंच गया है। यह आधुनिक ईरान के इतिहास का सबसे भीषण दमन माना जा रहा है।
कई मीडिया संगठनों की जांच के अनुसार, यह नरसंहार कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सुनियोजित दमन है। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बासिज बलों को नेतृत्वविहीन इन प्रदर्शनकारियों पर सीधे 'लाइव फायर' का आदेश दिया है। विशेष रूप से 8 और 9 जनवरी की रात को मशहद, कर्मनशाह और इस्फहान जैसे शहरों में सुरक्षा बलों ने निहत्थे युवाओं पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिनमें मरने वालों में अधिकांश 30 वर्ष से कम उम्र के युवा हैं।
ईरान में बढ़ती हुईं इन मौतों की संख्या के बाद से यूरोप और पश्चिमी देशों ने इनकी तीखी आलोचना करते हुए इसे ईरान में इस्लामिक शासन के अंत का भी ऐलान कर दिया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान में हिंसा को स्तब्ध करने वाला बताया है, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर वाशिंगटन उस सैन्य विकल्प को आजमाना चाहता है जिसे उसने पहले भी आजमाया है, तो हम इसके लिए तैयार हैं।
भारत की यात्रा पर आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने तेहरान के धार्मिक नेतृत्व पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। मर्ज़ ने पत्रकारों से कहा, 'अगर कोई शासन केवल हिंसा के दम पर सत्ता में रह सकता है, तो वह प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है। हम ईरानी शासन के अंतिम दिन और हफ्ते देख रहे हैं।' मर्ज़ ने स्पष्ट किया कि जर्मनी इस बारे में अमरीका और यूरोपीय सहयोगियों के साथ निरंतर संपर्क में है।
ईरान के भीतर से आ रहे एक वायरल वीडियो ने सनसनी फैला दी है। बुजुर्ग शिया मौलवी अली काशानी ने सार्वजनिक रूप से वर्तमान सरकार को अपराधी और हत्यारा करार दिया है। उन्होंने इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला खुमैनी की विरासत को 'देश और धर्म के लिए कलंक' बताते हुए जनता से इस दमनकारी शासन को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ईरान में बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए 'त्वरित और कठोर' प्रतिबंधों का प्रस्ताव दिया है। वहीं, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उन देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है जो ईरान के साथ व्यापारिक संबंध जारी रखेंगे। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर सख्त सैन्य कार्रवाई का विकल्प और साइबर ऑपरेशन भी विचाराधीन हैं।
ईरान की सीमा से महज 200 किलोमीटर दूर कतर के अल उदैद एयरबेस और हिंद महासागर स्थित अमरीका के डिएगो गार्सिया एयरबेस पर भारी हलचल देखी गई है। 12 जनवरी की रिपोर्टों के अनुसार, अमरीकी बी-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर और एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर्स ने उड़ान भरी है। साथ ही अमरीका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4' की चेतावनी जारी करते हुए उन्हें तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है। इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद ईरानी नागरिक एलन मस्क की 'स्टारलिंक' सेवा के जरिए दुनिया को अपनी आपबीती पहुंचा रहे हैं।