Iran Iraq Strike : ईरान ने इराक के इरबिल और पश्चिमी अनबार में जोरदार एयर स्ट्राइक की है। इस सैन्य कार्रवाई में 7 इराकी सैनिकों की जान चली गई है, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
Iran-Iraq Strike: ईरान और इराक के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव एक बार फिर हिंसक रूप ले चुका है। (Iran targets Kurdish regions) हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने इराक के स्वायत्त कुर्द क्षेत्र (Erbil and Anbar targets) में स्थित कई ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान (एरबिल/सोरान) के पेशमेरगा ठिकानों पर भारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। इस सैन्य कार्रवाई में पश्चिमी अनबार और इरबिल के इलाकों में भारी तबाही हुई है। (Iraqi soldiers casualty) आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस हमले की चपेट में आने से 7 इराकी सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी है। (Military escalation in Middle East) यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है(Border security concerns)।
ईरान का दावा है कि ये हमले उन आतंकवादी समूहों के खिलाफ थे जो ईरानी सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। (Anti-Iran militant groups) पश्चिमी अनबार के दुर्गम इलाकों में छिपे संदिग्ध ठिकानों पर मिसाइलें दागी गईं। ईरानी मीडिया के अनुसार, इन क्षेत्रों का उपयोग ईरान विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। हालांकि, इराक ने इसे अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया है।
इराकी सरकार ने इस हमले पर कड़ी आपत्ति जताई है। (Baghdad official statement) इराक के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि निर्दोष सैनिकों की मौत और रिहाइशी इलाकों के पास बमबारी अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। बगदाद में ईरानी राजदूत को तलब करने की तैयारी की जा रही है ताकि इस सैन्य आक्रामकता पर स्पष्टीकरण मांगा जा सके। इराकी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि उनकी धरती का उपयोग किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन बाहरी हमला भी स्वीकार्य नहीं है।
इस घटना के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इराक के बीच वर्षों से चले आ रहे जटिल संबंधों में और कड़वाहट आएगी। (Middle East geopolitics) सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यदि इस प्रकार के हमले जारी रहे, तो यह एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों में भी डर का माहौल है, और कई परिवारों ने पलायन करना शुरू कर दिया है।
इराकी सुरक्षा बलों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर कुर्द समुदाय के लोग ईरान की इस कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं। वहीं, ईरान के कट्टरपंथी धड़ों ने इसे 'आत्मरक्षा' में उठाया गया कदम बताया है। इराक इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ले जाने पर विचार कर रहा है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी संभावित जमीनी घुसपैठ को रोका जा सके। इस हमले का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इराक और ईरान दोनों ही ऊर्जा के प्रमुख केंद्र हैं। अस्थिरता के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।