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होर्मुज में हलचल! ईरान ने पकड़ी अमेरिका की ‘जासूस’ पनडुब्बी, US Navy की सबसे स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर IRGC का कब्जा

ईरान की IRGC नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी Dive-LD को पकड़ने का दावा किया है। जानें इस अत्याधुनिक AUV की खासियतें, अमेरिका की प्रतिक्रिया और बढ़ते सैन्य तनाव की पूरी जानकारी।
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Updated: 8 Sep 2026, 10:57 PM IST
US military drone captured
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी Dive-LD को पकड़ा, photo: ChatGpt

Iran US Tension: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने 8 सितंबर 2026 को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर एक अत्याधुनिक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी (UUV) को पकड़ लिया है। IRGC नौसेना के आधिकारिक बयान संख्या 12 के अनुसार, यह कार्रवाई मंगलवार तड़के एक "जटिल खुफिया और परिचालन अभियान" के तहत अंजाम दी गई। ईरानी मीडिया ने इसे "युद्ध ट्रॉफी" के रूप में पेश किया है।

पकड़ी गई पनडुब्बी की पहचान

ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने पकड़े गए उपकरण की पहचान Dive-LD के रूप में की है। यह अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Anduril Industries द्वारा निर्मित एक स्वायत्त अंडरवाटर व्हीकल (AUV) है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसे 2025 में अमेरिकी नौसेना के अनमैन्ड अंडरसी व्हीकल स्क्वाड्रन-1 में शामिल किया गया था। यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे हफ़्तों लंबे सैन्य तनाव और ईरान द्वारा की गई नाकेबंदी (Blockade) के बीच सामने आई है। ईरान ने दावा किया है कि इस कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो जल्द ही जारी किए जाएंगे।

तकनीकी विशेषताएं

Dive-LD की लंबाई लगभग 5.8 मीटर और वजन करीब 3 टन बताया गया है। निर्माता कंपनी के अनुसार, यह पानी के भीतर लगातार करीब 10 दिनों तक स्वायत्त रूप से काम कर सकती है और करीब 6,000 मीटर की गहराई तक जा सकती है। यह मॉड्यूलर डिज़ाइन पर आधारित है, जिससे इसे टोही और निगरानी, समुद्र तल की मैपिंग, बारूदी सुरंगों का पता लगाने और समुद्री केबल-पाइपलाइनों के निरीक्षण जैसे कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

तनाव के बीच घटनाक्रम

यह दावा होर्मुज जलडमरूमध्य में हफ्तों से जारी सैन्य तनाव के बीच सामने आया है। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा-परिवहन मार्गों में गिना जाता है, और हाल के समय में अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। इसी बीच ईरानी वायुसेना ने बंदर अब्बास के पास एक अमेरिकी MQ-1 जासूसी ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया है।

IRGC ने कहा है कि जब्त की गई पनडुब्बी की तस्वीरें और वीडियो जल्द जारी किए जाएंगे। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से इस कथित जब्ती को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों केअनुसार, इस घटना की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

Updated on:
8 Sep 2026, 10:57 PM IST
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