ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी संघर्ष में करज के बी1 ब्रिज पर हुए हवाई हमले में कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए। यह हमला बढ़ते तनाव और संभावित बड़े टकराव का संकेत है, जिससे आम नागरिकों की जिंदगी पर गहरा असर पड़ रहा है।
Iran-Israel-America War: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध लगातार भयावह होता जा रहा है। दोनों पक्ष एक दूर एक-दूसरे पर लगातार हवाई हमले कर रही है। कुछ घंटे पहले ही इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सबसे ऊंचे और बड़े पुल को तबाह कर दिया गया। इसमें अब जानकारी सामने आई है कि अब तक 8 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। साथ ही 95 लोग घायल भी हुए हैं। मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है। अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के करज शहर में स्थित बी1 ब्रिज पर हवाई हमला किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के वक्त पुल और उसके आसपास काफी भीड़ मौजूद थी। दरअसल, उस दिन “प्रकृति दिवस” मनाया जा रहा था, जिसके चलते कई परिवार बाहर घूमने निकले हुए थे। यही वजह रही कि आम नागरिक भी इस हमले की चपेट में आ गए। मारे गए लोगों में यात्री और आसपास के गांवों के निवासी शामिल हैं। ईरानी मीडिया का कहना है कि इस हमले का मुख्य निशाना वही पुल था, जिससे तेहरान और करज के बीच सीधा संपर्क बना रहता है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन लगभग ठप हो गया है।
हवाई हमले के साथ-साथ दोनों देशों के बीच एक-दूसरे को चेतावनी देने का दौर भी चल रहा है। इस हमले से एक दिन पहले ही अमेरिका की ओर से सख्त चेतावनी देते हुए ईरान को कहा गया था कि अगर ईरान ने जल्द कोई समझौता नहीं किया, तो उसके अहम ढांचों जैसे ऊर्जा केंद्र और पानी की सुविधाएं निशाने पर आ सकते हैं। ऐसे में बी1 ब्रिज पर हुआ हमला उसी चेतावनी की एक झलक माना जा रहा है।
ईरान के बी1 ब्रिज पर हमले की घटना के बाद ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश इस हमले को बिना वजह की आक्रामकता मानता है और वह अपनी पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।