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ग्रीन कार्ड चाहिए तो पहले छोड़ना होगा अमेरिका! ट्रंप सरकार के नए नियम से लाखों भारतीयों को बड़ा झटका

US Green Card Rules: ट्रंप प्रशासन ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए अपने देश लौटकर आवेदन करना होगा। इस फैसले का असर भारतीय छात्रों, H-1B वर्कर्स और लाखों प्रवासियों पर पड़ सकता है।

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भारत

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Rahul Yadav

May 23, 2026

US Green Card Rules

US Green Card Rules (AI Image)

US Green Card Rules: अमेरिका में स्थायी नागरिकता यानी ग्रीन कार्ड का सपना देख रहे लाखों भारतीयों के लिए ट्रंप प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना आसान नहीं रहेगा। अमेरिकी सरकार ने साफ कर दिया है कि अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के लिए अपने देश लौटकर आवेदन करना होगा।

इस फैसले का असर खास तौर पर भारतीय छात्रों, एच-1बी वीजा धारकों और अस्थायी वर्क वीजा पर अमेरिका में रह रहे पेशेवरों पर पड़ सकता है।

क्या है नया नियम?

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) की ओर से जारी नई गाइडलाइन में कहा गया है कि जो लोग अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे हैं और ग्रीन कार्ड चाहते हैं, उन्हें अब सामान्य तौर पर अपने देश वापस जाकर आवेदन करना होगा।

अब तक बड़ी संख्या में लोग अमेरिका में रहते हुए ही 'एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस' प्रक्रिया के जरिए स्थायी निवास के लिए आवेदन कर देते थे। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस व्यवस्था को सीमित करने का फैसला लिया है।

यूएससीआईएस के प्रवक्ता जैक कहलर ने कहा, “अब कोई भी विदेशी नागरिक जो अस्थायी तौर पर अमेरिका में है और ग्रीन कार्ड चाहता है, उसे अपने देश लौटकर आवेदन करना होगा, सिवाय बेहद असाधारण परिस्थितियों के।”

छात्रों और H-1B वर्कर्स पर पड़ेगा असर

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर माना जा रहा है जो स्टूडेंट वीजा, टूरिस्ट वीजा या एच-1बी वर्क वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं और बाद में स्थायी नागरिकता की तरफ बढ़ना चाहते थे।

नई नीति के मुताबिक अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पूरी करना अब “विशेष राहत” माना जाएगा और हर मामले की अलग-अलग समीक्षा होगी।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अस्थायी वीजा का उद्देश्य केवल सीमित अवधि और विशेष कारणों के लिए अमेरिका में रहना है। इसे स्थायी निवास का पहला कदम नहीं बनाया जाना चाहिए।

ट्रंप प्रशासन ने क्यों लिया फैसला?

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि इस बदलाव से वीजा नियमों के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा और ओवरस्टे यानी तय समय से ज्यादा रुकने की घटनाएं कम होंगी।

विभाग ने सोशल मीडिया पर कहा, “अब अमेरिका की आव्रजन प्रणाली कानून के मूल उद्देश्य के अनुसार काम करेगी। सिस्टम में खामियों का फायदा उठाने का दौर खत्म हो चुका है।”

सरकार का यह भी कहना है कि ग्रीन कार्ड आवेदनों को अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के जरिए प्रोसेस करने से यूएससीआईएस अपने संसाधनों को अन्य जरूरी मामलों में इस्तेमाल कर सकेगा।

भारतीयों पर कितना असर?

अमेरिका में भारतीय समुदाय बड़ी संख्या में रोजगार और पढ़ाई के लिए पहुंचता है। ऐसे में यह नया नियम हजारों नहीं बल्कि लाखों भारतीयों की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।

वित्त वर्ष 2024 में करीब 49,700 भारतीय मूल के लोगों ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के जरिए अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी। यह संख्या मैक्सिको के बाद दूसरी सबसे बड़ी थी। कुल अमेरिकी नागरिकता प्राप्त लोगों में भारतीयों की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई नीति से ग्रीन कार्ड प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो वर्षों से अमेरिका में रहकर स्थायी नागरिकता का इंतजार कर रहे हैं।